Get App

₹5,000 के टिकट बुक कराए, घर जाने की थी खुशी, तभी मैनेजर ने कर दिया खेल! कर्मचारी की कहानी वायरल

दशहरे पर परिवार से मिलने की तैयारी कर रहे बेंगलुरु के एक कर्मचारी की मुश्किलें अचानक बढ़ गईं। घर जाने के लिए 5,000 रुपये के टिकट बुक कराने के बाद उसे कंपनी ने परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) पर डाल दिया। इसके बाद छुट्टी मांगने पर भी कथित तौर पर इनकार कर दिया गया, जिससे वह परेशान हो गया

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Oct 15, 2026 पर 4:51 PM
₹5,000 के टिकट बुक कराए, घर जाने की थी खुशी, तभी मैनेजर ने कर दिया खेल! कर्मचारी की कहानी वायरल
एक तरफ नौकरी जाने का डर, दूसरी तरफ घर पर इंतजार करते माता-पिता

बड़े शहरों में अपना घर होना कभी सुकून और सुरक्षित जिंदगी की निशानी माना जाता था। लेकिन अब घर खरीदने के बाद भी लोगों को अच्छी सड़कें, सुरक्षा, बिजली और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं के लिए अलग से मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। मुंबई में रहने वाले निवेश पेशेवर मनुराज गर्ग ने अपने रिटायर्ड माता-पिता की जिंदगी से जुड़ा ऐसा ही अनुभव साझा किया है। गुरुग्राम की एक प्रीमियम हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले उनके माता-पिता ने सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एकमुश्त 3.5 लाख रुपये चुकाए। उनकी कहानी ने सोशल मीडिया पर शहरों की व्यवस्था और आम नागरिकों के खर्च को लेकर बहस छेड़ दी है।

हर साल लाखों का खर्च, फिर भी देना पड़ा अतिरिक्त पैसा

लिंक्डइन पर अपनी पोस्ट में मनुराज गर्ग ने बताया कि उनके माता-पिता करीब 2.1 लाख रुपये सालाना मेंटेनेंस शुल्क भी देते हैं। इसके अलावा, सोसाइटी में बड़े स्तर पर सुधार के लिए अलग से रकम मांगी गई। इस परियोजना में तेज रफ्तार लिफ्ट, बेहतर आंतरिक सड़कें, सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे, स्विमिंग पूल और जिम जैसी सुविधाओं को अपग्रेड करना शामिल था। गर्ग के मुताबिक, सोसाइटी के करीब 1,400 फ्लैटों से उनके आकार के आधार पर 2 लाख से 3.5 लाख रुपये तक लिए गए।

सोसाइटी हमारा कितना ख्याल रखती है

सब समाचार

+ और भी पढ़ें