बड़े शहरों में अपना घर होना कभी सुकून और सुरक्षित जिंदगी की निशानी माना जाता था। लेकिन अब घर खरीदने के बाद भी लोगों को अच्छी सड़कें, सुरक्षा, बिजली और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं के लिए अलग से मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। मुंबई में रहने वाले निवेश पेशेवर मनुराज गर्ग ने अपने रिटायर्ड माता-पिता की जिंदगी से जुड़ा ऐसा ही अनुभव साझा किया है। गुरुग्राम की एक प्रीमियम हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले उनके माता-पिता ने सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एकमुश्त 3.5 लाख रुपये चुकाए। उनकी कहानी ने सोशल मीडिया पर शहरों की व्यवस्था और आम नागरिकों के खर्च को लेकर बहस छेड़ दी है।
