LLB की पढ़ाई के साथ Blinkit में डिलीवरी करने लगा छात्र, पहले दिन कमाए इतने रुपये

पढ़ाई के खर्च निकालने के लिए एक LLB छात्र ने Blinkit में डिलीवरी पार्टनर का काम शुरू किया। पहले ही दिन उसने साढ़े छह घंटे में 19 ऑर्डर डिलीवर किए और अपनी कमाई सोशल मीडिया पर साझा की। अब उसकी पोस्ट चर्चा में है। आइए जानते हैं, आखिर छह घंटे की मेहनत के बाद उसे कितने रुपये मिले

अपडेटेड Oct 15, 2026 पर 9:45 AM
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Blinkit पर डिलीवरी कर रहा कानून का छात्र, पहली शिफ्ट की कमाई ने खींचा लोगों का ध्यान

आज के दौर में पढ़ाई के साथ अपने खर्च उठाना कई युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में कुछ छात्र पार्ट-टाइम नौकरी करके अपनी जरूरतें पूरी करने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया पर एक LLB छात्र की कहानी चर्चा में है, जिसने पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए Blinkit में डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम शुरू किया। छात्र ने पहले दिन करीब साढ़े छह घंटे काम किया और 19 ऑर्डर डिलीवर किए। इसके बाद उसने अपनी कमाई और अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किया, जिस पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

Blinkit पर पहले दिन कितनी हुई कमाई?

X यूजर Kaval Desai ने बताया कि वह LLB की पढ़ाई कर रहे हैं और अपने कुछ खर्चों को पूरा करने के लिए पार्ट-टाइम डिलीवरी का काम कर रहे हैं। उन्होंने पहले दिन लगभग 6 घंटे 30 मिनट काम किया और इस दौरान 19 ऑर्डर डिलीवर किए।


Desai के मुताबिक, डिलीवरी के दौरान उन्होंने करीब 51 किलोमीटर की दूरी तय की। हालांकि, इस आंकड़े में वापसी के दौरान तय की गई दूरी शामिल नहीं थी। उन्होंने बताया कि इस काम के बदले उन्हें 508 रुपये मिले, जिसमें 75 रुपये का इंसेंटिव भी शामिल था। इसके अलावा, टारगेट पूरा करने पर 100 रुपये का अतिरिक्त बोनस मिला। इस तरह पहले दिन उनकी कुल कमाई 608 रुपये रही।

इलेक्ट्रिक स्कूटर से बचा चार्जिंग का खर्च

छात्र के पास Ather इलेक्ट्रिक स्कूटर है, जिसे वह घर पर चार्ज करते हैं। इस वजह से उन्हें उस शिफ्ट के दौरान चार्जिंग के लिए अलग से पैसे खर्च नहीं करने पड़े। हालांकि, डिलीवरी के बाद उन्हें अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान देना था। साथ ही, स्कूटर की बैटरी कम होने लगी थी, इसलिए उन्होंने काम रोक दिया।

उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ Blinkit के डिलीवरी बैग की तस्वीर और कमाई का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। उनके अनुभव के मुताबिक, प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और ऑर्डर डिलीवरी की प्रक्रिया उनके लिए सुविधाजनक रही।

सोशल मीडिया पर गिग वर्क को लेकर बहस

Desai की पोस्ट पर लोगों ने गिग वर्क और पार्ट-टाइम कमाई को लेकर अपनी राय रखी। एक यूजर ने कहा कि डिलीवरी का काम अतिरिक्त कमाई का जरिया होना चाहिए, लेकिन भारत में कई लोग इसे पूर्णकालिक पेशे के रूप में करने को मजबूर हैं।

एक अन्य यूजर ने Uber बाइक राइडर और Swiggy डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम करने का अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि इन कामों के बावजूद LLB में दाखिले की फीस जुटाना उनके लिए मुश्किल रहा।

वहीं, एक अन्य यूजर ने कैटरिंग के काम को कमाई का वैकल्पिक रास्ता बताया। उनका मानना था कि यह कुछ लोगों के लिए डिलीवरी के मुकाबले बेहतर विकल्प हो सकता है।

पढ़ाई के साथ कमाई करना कितनी बड़ी चुनौती?

यह मामला दिखाता है कि युवा पढ़ाई जारी रखने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए अलग-अलग रास्ते तलाश रहे हैं। हालांकि, डिलीवरी के काम से होने वाली वास्तविक कमाई ऑर्डर, इंसेंटिव, काम के घंटों और वाहन के खर्च पर निर्भर करती है। इसलिए किसी एक दिन की कमाई से हर डिलीवरी पार्टनर की आय का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

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