ऑफिस में 12 घंटे काम करने के बाद भी नहीं मिलेगी तरक्की? एक्सपर्ट ने बताया प्रमोशन का असली फॉर्मूला

ऑफिस में देर तक बैठना और हर वक्त व्यस्त रहना जरूरी नहीं कि आपको करियर में आगे ले जाए। फ्रेयाज श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रमोशन के लिए सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि भरोसा ज्यादा जरूरी है। समय पर काम पूरा करना, सही फैसले लेना और मुश्किल हालात संभालना ही आपको बड़ी जिम्मेदारी के काबिल बनाता है

अपडेटेड Sep 13, 2026 पर 12:50 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
कई बार कर्मचारी यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि वे पूरे दिन बेहद व्यस्त हैं।

ऑफिस में देर तक बैठना और लगातार व्यस्त नजर आना अक्सर मेहनती कर्मचारी की पहचान माना जाता है। लेकिन क्या रोजाना ज्यादा घंटे काम करने से ही करियर में तरक्की मिलती है? फ्रेयाज श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर शेयर किए एक वीडियो में इस सोच पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि ऑफिस में सिर्फ मेहनत करते दिखना काफी नहीं है, बल्कि यह मायने रखता है कि आपके काम से कितना फायदा हो रहा है और लोग आप पर कितना भरोसा करते हैं। उनके मुताबिक, कोई कर्मचारी 10-12 घंटे काम करने के बावजूद अगर समय पर सही नतीजा नहीं दे पाता, तो उसकी मेहनत ज्यादा मायने नहीं रखती।

इसके उलट, जो व्यक्ति तय समय पर काम पूरा करता है, बदलाव की स्थिति में साफ तरीके से बात करता है और बिना हर कदम पर मदद मांगे समस्याओं का हल निकालता है, उसे ज्यादा जिम्मेदारी मिलने की संभावना रहती है। यही भरोसा धीरे-धीरे करियर की ग्रोथ का रास्ता खोलता है।

12 घंटे काम के बाद भी क्यों नहीं मिलती पहचान?


इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में श्रॉफ ने कहा कि ऑफिस में मेहनत और काम की असली वैल्यू हमेशा एक जैसी नहीं होती। कोई कर्मचारी किसी काम में 12 घंटे लगा सकता है, लेकिन अगर नतीजा सही नहीं आया तो सिर्फ ज्यादा समय देने का कोई फायदा नहीं। उनके मुताबिक, कर्मचारी कितना थका हुआ है, इससे ज्यादा मायने यह रखता है कि वह काम को सही तरीके से पूरा कर पा रहा है या नहीं।

बॉस को चाहिए ऐसा कर्मचारी जिस पर कर सकें भरोसा

श्रॉफ के मुताबिक, करियर में आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक है विश्वसनीय होना। मैनेजर ऐसे लोगों को ज्यादा जिम्मेदारी देना पसंद करते हैं, जिनके बारे में उन्हें भरोसा हो कि वे मुश्किल स्थिति में भी काम संभाल सकते हैं। समय पर काम पूरा करना, बदलाव होने पर साफ तरीके से बात करना और बिना हर कदम पर किसी की मदद लिए समस्या का समाधान निकालना किसी कर्मचारी की असली ताकत बन सकता है।

सिर्फ व्यस्त नहीं, काम के लिए जरूरी बनिए

कई बार कर्मचारी यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि वे पूरे दिन बेहद व्यस्त हैं। लेकिन श्रॉफ का कहना है कि व्यस्त नजर आना और कंपनी के लिए वैल्यू पैदा करना दो अलग चीजें हैं। अगर कोई कर्मचारी लगातार सही फैसले लेता है, समस्याओं को समझकर उनका हल निकालता है और फीडबैक को खुले मन से स्वीकार करता है, तो उसकी पहचान सिर्फ ‘मेहनती कर्मचारी’ तक सीमित नहीं रहती।

प्रमोशन थकान देखकर नहीं, भरोसे से मिलता है

वीडियो में श्रॉफ ने करियर के शुरुआती दौर में एक मुश्किल लेकिन जरूरी सबक बताया। उनके अनुसार, कर्मचारी को हर वक्त यह साबित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए कि वह कितनी मेहनत कर रहा है। इसके बजाय उसे ऐसा व्यक्ति बनने पर ध्यान देना चाहिए, जिसे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सके। यानी प्रमोशन इस वजह से नहीं मिलता कि आप काम करते-करते थक गए हैं। असली सवाल यह है कि क्या आपका बॉस आपको किसी बड़े काम की जिम्मेदारी देने के लिए तैयार है?

Instagram पर यह पोस्ट देखें

सोशल मीडिया पर लोगों ने भी रखी अपनी बात

श्रॉफ की बात पर सोशल मीडिया यूजर्स की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने माना कि ऑफिस में नतीजे और भरोसा मेहनत के घंटों से ज्यादा मायने रखते हैं। हालांकि, कुछ यूजर्स ने एक अलग समस्या भी बताई। एक व्यक्ति ने कहा कि अगर मैनेजर किसी कर्मचारी को खुद फैसले लेने या काम करने की आजादी ही न दे, तो उससे भरोसेमंद बनने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। एक अन्य यूजर ने चिंता जताई कि भरोसा बढ़ने के साथ कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा काम भी डाला जा सकता है।

Video नई BMW खरीदना पड़ा भारी! ट्रांसजेंडर समूह ने कार को चारों तरफ से घेरा, 2 लाख रुपये मांगने का दावा वायरल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।