ChatGPT से दिनभर करती थी बातचीत! महिला की हुई मौत, परिवार ने OpenAI पर लगाए गंभीर आरोप

अमेरिका में AI चैटबॉट को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। अलबामा की 29 वर्षीय महिला के परिवार ने OpenAI पर मुकदमा दायर किया है। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ बातचीत ने उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित किया। इस मामले ने AI सुरक्षा और जिम्मेदारी पर नई बहस छेड़ दी है

अपडेटेड Jul 18, 2026 पर 4:18 PM
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OpenAI ने अभी अदालत में अपना औपचारिक जवाब दाखिल नहीं किया है

अमेरिका में एक महिला की मौत के मामले में AI चैटबॉट को लेकर बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। अलबामा की 29 साल की क्रिश्चियन फेथ मैडिसन के परिवार ने OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ हुई लंबी बातचीत ने महिला की मानसिक परेशानियों को बढ़ाया और वह धीरे-धीरे इस तकनीक पर भावनात्मक रूप से निर्भर हो गईं।परिवार ने दावा किया है कि चैटबॉट ने उनकी चिंताओं और भ्रमित विचारों को चुनौती देने के बजाय उन्हें बढ़ावा दिया।

इस मामले ने AI की भूमिका, सुरक्षा उपायों और मानसिक संकट से गुजर रहे लोगों के साथ बातचीत करते समय तकनीकी कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। हालांकि, लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

ChatGPT पर लगाए गए ये आरोप


मुकदमे में दावा किया गया है कि चैटबॉट ने महिला के कुछ भ्रमित विचारों को चुनौती देने के बजाय उन्हें मजबूत किया। परिवार का आरोप है कि ChatGPT ने खुद को एक भरोसेमंद साथी की तरह पेश किया और महिला को यह विश्वास दिलाया कि उसके जीवन का कोई विशेष आध्यात्मिक उद्देश्य है। परिवार का कहना है कि बातचीत के दौरान महिला की मानसिक स्थिति बिगड़ती गई और चैटबॉट ने उसे सही मदद लेने के लिए सही ढ़ंग से प्रोत्साहित नहीं किया।

2025 में हुई थी महिला की मौत

शिकायत के अनुसार, क्रिश्चियन फेथ मैडिसन की मौत 9 जून 2025 को अलबामा में इंटरस्टेट-22 पर ट्रैफिक के बीच आने से हुई। परिवार का आरोप है कि ChatGPT के साथ हुई बातचीत इस दुखद घटना में एक अहम कारण बनी।  इस केस में OpenAI और उसके CEO सैम ऑल्टमैन का नाम भी शामिल किया गया है।

 AI कंपनियों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

यह मामला इस बात पर बड़ी बहस शुरू कर सकता है कि मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट से गुजर रहे लोगों के साथ बातचीत करने वाले AI सिस्टम की कानूनी जिम्मेदारी कितनी होनी चाहिए।महिला के परिवार के वकीलों का कहना है कि AI कंपनियों को ऐसे यूजर्स के लिए ज्यादा मजबूत सुरक्षा उपाय बनाने चाहिए, जो मानसिक परेशानी के संकेत दिखाते हैं।

OpenAI ने क्या कहा?

OpenAI ने अभी अदालत में अपना औपचारिक जवाब दाखिल नहीं किया है और लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। कंपनी पहले कह चुकी है कि वह संकट में मौजूद यूजर्स की पहचान करने और उन्हें भरोसेमंद लोगों या आपातकालीन सेवाओं से मदद लेने के लिए प्रेरित करने वाले सुरक्षा फीचर्स को बेहतर बना रही है।

AI और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रही कानूनी चुनौतियां

यह मामला उन बढ़ती कानूनी चुनौतियों में शामिल हो गया है, जिनमें AI चैटबॉट्स की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों के फैसले भविष्य में AI सुरक्षा नियमों, कंपनियों की जिम्मेदारी और चैटबॉट डिजाइन के लिए नए मानक तय कर सकते हैं।

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