हर साल 31 दिसंबर की रात आते ही लोगों के मन में एक सवाल घूमता है – सबसे पहले नए साल का स्वागत कहां होता है? जवाब है, प्रशांत महासागर में स्थित छोटा सा द्वीप किरिमाती। ये द्वीप दुनिया के बाकी हिस्सों से घंटों आगे है, इसलिए जब यहां पटाखों की गूंज और खुशियों का माहौल होता है, बाकी दुनिया अभी पुराने साल की अंतिम घड़ियों में ही व्यस्त रहती है। किरिमाती को क्रिसमस आइलैंड भी कहा जाता है और ये हवाई के दक्षिण और ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्व में फैला हुआ है।
दिलचस्प बात ये है कि यहां नया साल बाकी दुनिया से पूरे दिन पहले मनाया जाता है, और इसका कारण है टाइम जोन का फर्क। यही वजह है कि किरिमाती को दुनिया का “सबसे पहला नए साल वाला द्वीप” कहा जाता है।
किरिमाती: दुनिया का नया साल हब
किरिमाती को क्रिसमस आइलैंड भी कहा जाता है। ये हवाई के दक्षिण और ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्व में स्थित है। कोरल रीफ्स के कारण ये इलाका लगभग 4,000 किलोमीटर तक फैला हुआ है। द्वीप की आबादी ज्यादा नहीं है – लगभग 1,16,000 लोग रहते हैं।
1979 में ब्रिटेन से स्वतंत्र होने के बाद ये छोटा देश कई द्वीपों से मिलकर बना है। दिलचस्प बात ये है कि हवाई के ठीक दक्षिण में होने के बावजूद, किरिमाती नया साल पूरा एक दिन पहले मनाता है।
नए साल का जश्न अलग-अलग देशों में अलग समय पर क्यों मनाया जाता है? इसका जवाब है – टाइम जोन और पृथ्वी की घुमावदार गति। किरिमाती UTC+14 टाइम जोन में आता है, जो दुनिया का सबसे आगे वाला टाइम जोन है। जब यहां आधी रात होती है, तो बाकी दुनिया अभी पुराने साल में ही रहती है।
पृथ्वी 24 घंटे में 360 डिग्री घूमती है। इसका मतलब हर 15 डिग्री देशांतर पर 1 घंटे का अंतर होता है। और हर एक डिग्री पर लगभग 4 मिनट का फर्क आता है। यही कारण है कि नए साल का जश्न दुनिया भर में अलग-अलग समय पर होता है।