क्या मशीनें अब इंसानों का हुनर भी छीन लेंगी? मेहंदी वाले VIDEO पर Harsh Goenka की पोस्ट ने बढ़ाई चिंता

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया है। इसमें एक मशीन कुछ ही सेकंड में हाथ पर खूबसूरत मेहंदी डिजाइन बनाती नजर आ रही है। RPG Group के चेयरमैन Harsh Goenka ने इसे शेयर करते हुए नौकरी जाने की बात कही, जिसके बाद तकनीक और रोजगार को लेकर नई बहस छिड़ गई

अपडेटेड Sep 10, 2026 पर 10:22 AM
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बहस सिर्फ मेहंदी तक सीमित नहीं रही। कई लोगों ने इसे भविष्य की नौकरियों से जोड़कर देखा।

कल्पना कीजिए कि शादी या किसी खास मौके पर मेहंदी लगवाने के लिए आपको किसी आर्टिस्ट की जरूरत ही न पड़े। आप अपना हाथ एक मशीन के सामने रखें और कुछ ही सेकंड में उस पर बारीक और खूबसूरत डिजाइन तैयार हो जाए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने कुछ ऐसा ही नजारा दिखाया है। वीडियो सामने आते ही लोगों के बीच सिर्फ तकनीक की चर्चा नहीं हुई, बल्कि रोजगार और इंसानी हुनर को लेकर भी सवाल उठने लगे।

RPG Group के चेयरमैन Harsh Goenka ने X पर यह वीडियो शेयर किया। क्लिप में एक ऑटोमेटेड मशीन हाथ पर बेहद बारीकी से मेहंदी का डिजाइन बनाती हुई नजर आती है। गोयनका ने वीडियो के साथ सिर्फ एक लाइन लिखी “Some more jobs gone.” उनकी यह टिप्पणी देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गई।

कुछ ही घंटों में लाखों लोगों की नजर


वीडियो ने सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों का ध्यान खींचा और कुछ ही घंटों में इसे दो लाख से ज्यादा बार देखा गया। इसके बाद कमेंट सेक्शन में एक दिलचस्प बहस शुरू हो गई। एक तरफ लोग मशीन की रफ्तार और तकनीकी क्षमता से प्रभावित नजर आए, तो दूसरी तरफ कई यूजर्स ने कहा कि वे आज भी मेहंदी के लिए इंसान के हाथों को ही प्राथमिकता देंगे। उनके लिए मेहंदी सिर्फ हाथ पर डिजाइन बनाने का काम नहीं है। खासकर शादी-ब्याह और त्योहारों में मेहंदी लगवाना एक अनुभव होता है, जिसमें कलाकार से बातचीत, पसंद के मुताबिक डिजाइन चुनना और उस पूरे पल का व्यक्तिगत जुड़ाव शामिल होता है।

मशीन की सटीकता या इंसान का स्पर्श?

कई यूजर्स का कहना था कि मशीन डिजाइन को तेजी और एक जैसी सटीकता से बना सकती है, लेकिन इंसानी स्पर्श और व्यक्तिगत समझ की जगह लेना आसान नहीं होगा। एक यूजर ने कहा कि वह मशीन की सुविधा के बावजूद इंसान का स्पर्श और मानवीय जुड़ाव पसंद करेगा। दूसरे लोगों ने भी इसी तरह की भावनाएं जाहिर कीं। यही सवाल ऑटोमेशन को लेकर होने वाली बहस का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। मशीनें तेज हो सकती हैं, थकती नहीं हैं और लगातार एक जैसा काम कर सकती हैं। लेकिन क्या वे उस व्यक्तिगत अनुभव को भी दोहरा सकती हैं, जो किसी इंसान के हुनर से मिलता है?

रोजगार को लेकर उठी बड़ी चिंता

बहस सिर्फ मेहंदी तक सीमित नहीं रही। कई लोगों ने इसे भविष्य की नौकरियों से जोड़कर देखा। कुछ यूजर्स ने चिंता जताई कि अगर मशीनें धीरे-धीरे ज्यादा से ज्यादा काम अपने हाथ में लेने लगेंगी, तो आम लोगों के रोजगार का क्या होगा। एक टिप्पणी में सवाल उठाया गया कि अगर लोगों के पास नौकरियां ही नहीं रहेंगी, तो भविष्य में इन तकनीकी सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए उनके पास पैसे कहां से आएंगे?

वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि हर काम को ऑटोमेट करना जरूरी नहीं है। उनके मुताबिक तकनीक का इस्तेमाल उन क्षेत्रों में ज्यादा होना चाहिए जहां उससे वास्तविक फायदा हो। उदाहरण के तौर पर जटिल सर्जरी में अत्याधुनिक मशीनों की मदद समझ में आती है, लेकिन मेहंदी जैसे पारंपरिक और आसानी से इंसानों द्वारा किए जाने वाले काम में मशीन की जरूरत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

फिर सामने आया वीडियो का सबसे बड़ा सवाल

इस पूरी चर्चा के बीच कुछ यूजर्स ने एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठा दिया क्या वीडियो असली भी है? कई कमेंट्स में दावा किया गया कि क्लिप वास्तविक मशीन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि AI-generated video हो सकती है। कुछ लोगों ने वीडियो में मशीन की गतिविधियों और डिजाइन की स्थिति में कथित असंगतियों को देखकर इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए। कुछ यूजर्स के मुताबिक, ऐसी मशीन को हाथ की स्थिति और आकार को सही तरीके से समझने के लिए स्कैनिंग या कैलिब्रेशन की जरूरत पड़ सकती है। वीडियो में ऐसा कोई स्पष्ट सिस्टम दिखाई नहीं देता।

हालांकि, फिलहाल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह निश्चित तौर पर कहना संभव नहीं है कि इसमें दिखाई गई मशीन वास्तविक है या यह AI की मदद से बनाया गया दृश्य है।

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