कर्नाटक: कर्नाटक के बीदर (Bidar) जिले के एक साइंस टीचर ने सभी के लिए बहुत बड़ी मिसाल पेश कर दी है शिक्षक किताबों के अलावा अपने काम से भी बच्चों को बहुत कुछ सिखा सकता है। ऐसा ही कुछ कर्नाटक में देखने को मिला है। टीचर ने अपने 8 छात्रों को हवाई जहाज से घुमाया। इसके लिए उन्होंने अपनी जेब से करीब 50 हजार रुपये खर्च किए।
खबर के मुताबिक, कर्नाटक हाई स्कूल (Karnataka High School) में पढ़ाने वाले रफीक तालिकोटे (Rafiq Talikote) ने ये कदम छात्रों की मेहनत का सम्मान करने और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करने के लिए उठाया।
अच्छे नंबर लाने पर मिला हवाई सफर का इनाम
इन छात्रों ने सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SSLC) परीक्षा में बहुत अच्छे नंबर हासिल किए थे। इसी खुशी में टीचर ने उन्हें इनाम देने का सोचा। अक्सर स्कूलों में अच्छे नंबर लाने पर मेडल या सर्टिफिकेट दिया जाता है, लेकिन रफीक (Rafiq) ने कुछ अलग करने का सोचा और बच्चों को हवाई यात्रा कराने का फैसला किया।
दो छात्र रह गए, 8 ने की हवाई यात्रा
शुरुआत में रफीक तालिकोटे (Rafiq Talikote) ने 10 बच्चों को हवाई सफर कराने की योजना बनाई थी। लेकिन किसी वजह से 2 छात्र नहीं जा पाए। इसके बाद 4 लड़के और 4 लड़कियों समेत कुल 8 छात्र 27 अक्टूबर को अपने टीचर के साथ बीदर (Bidar) से बेंगलुरु (Bengaluru) के लिए रवाना हुए। ये सभी छात्र कर्नाटक नेशनल एजुकेशन सोसाइटी (Karnataka National Education Society) के स्कूल में पढ़ते हैं।
अपनी कमाई से बच्चों को दी खुशियां
खास बात ये है कि रफीक (Rafiq) ने इस यात्रा के लिए किसी से मदद नहीं ली। उन्होंने अपनी बचत से पूरे सफर का खर्च उठाया। उनका कहना है कि ये सिर्फ घूमना नहीं था, बल्कि बच्चों की मेहनत की कदर करना और उन्हें आगे और अच्छा करने के लिए हौसला देना था।
पहली बार हवाई जहाज में बैठे बच्चे
बीदर (Bidar) से बेंगलुरु (Bengaluru) तक हवाई जहाज से करीब सवा घंटे का सफर है। इस रूट पर स्टार एयर (Star Air) की सीधी फ्लाइट चलती है। इन सभी 8 छात्रों के लिए ये पहली हवाई यात्रा थी, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। इस पहल ने दिखाया कि बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए महंगे तोहफों से ज्यादा एक नया अनुभव ज्यादा काम करता है।
यह हमें सिखाती है कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि हमें सपने देखना भी सिखाते हैं। रफीक (Rafiq) ने आज उन तमाम बच्चों के जीवन में खुशियां भर दी हैं, जो सपने देखते हैं। उनकी यह छोटी सी पहल उन बच्चों के लिए जीवन भर की याद बन गई है। ऐसे शिक्षक ही बच्चों के भविष्य को सही दिशा दिखाते हैं।