AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तेजी से दुनिया को बदल रहा है। अब मशीनें भी कई ऐसे काम करने लगी हैं, जिन्हें पहले इंसान ही कर सकते थे। इसी बीच Zoho के को-फाउंडर (Co-founder) श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) का कहना है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आने वाले समय में धर्म और आस्था की अहमियत बढ़ सकती है।
वेम्बू के मुताबिक, जब AI इंसानों की तरह सोचने और काम करने लगेगा, तो लोग यह जानना चाहेंगे कि इंसान को मशीनों से अलग क्या बनाता है। उनका मानना है कि इसका जवाब प्रकृति, परवरिश, संस्कृति और धर्म में मिल सकता है। उन्होंने इन बातों को सनातन धर्म से भी जोड़ा है।
आधुनिक समाज में धर्म और आस्था को ना भूले
श्रीधर वेम्बू का मानना है कि आधुनिक बनने और नई तकनीक अपनाने के साथ धर्म और आस्था को भी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि आज लोग आधुनिक तो हो रहे हैं, लेकिन धर्म से दूर होते जा रहे हैं।
उनके मुताबिक, पुरानी पीढ़ियों की आस्था ने समाज को आगे बढ़ने में मदद की है। AI के बढ़ते दौर में लोग जिंदगी का मतलब समझने और अपनी पहचान जानने के लिए धर्म की ओर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।
धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा
वेम्बू की बात पर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सहमति जताई, तो कुछ ने इससे असहमति जताई।
AI से भविष्य में हो सकते हैं ये बदलाव
श्रीधर वेम्बू का कहना है कि AI आने वाले समय में कई चीजें बदल सकता है। इससे जलवायु परिवर्तन, कैंसर के इलाज और महंगे घरों जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। AI से नई तकनीक बनाना और आसान हो सकता है। लेकिन इसका इंसानों की जिंदगी और धर्म पर क्या असर होगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता है।