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Viral video: तीस्ता नदी में चार दिन का हाथी का बच्चा बहा, 4 KM दूर जाकर डूब रहे बेबी को मछुआरों ने ऐसे बचाया, देखें वीडियो

Viral video: पश्चिम बंगाल में मछुआरों और वन विभाग के अधिकारियों ने तीस्ता नदी में लगभग चार किलोमीटर दूर बह गए चार दिन के हाथी के बच्चे को बचाने के लिए दिल छू लेने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन किया। यह घटना बंगाल के उत्तरी इलाके में जलपाईगुड़ी जिले के मालबाजार ब्लॉक के बैकुंठपुर वन डिवीजन में हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो वायरल हो गया है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 22, 2026 पर 8:11 AM
Viral video: तीस्ता नदी में चार दिन का हाथी का बच्चा बहा, 4 KM दूर जाकर डूब रहे बेबी को मछुआरों ने ऐसे बचाया, देखें वीडियो
Viral video: यह घटना उत्तरी बंगाल के मालबाजार ब्लॉक स्थित बैकुंठपुर वन प्रभाग की है (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस)

Viral video: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में एक बेहद दिल छू लेने वाला रेस्क्यू ऑपरेशन सामने आया। सिर्फ 3-4 दिन का हाथी का एक बच्चा तीस्ता नदी में बहकर करीब 4 किलोमीटर दूर चला गया। स्थानीय मछुआरों और वन विभाग की टीम ने समय रहते उसे डूबने से बचा लिया। बाद में उसकी मां से दोबारा मिलवा दिया। बच्चा बह कर कई किलोमीटर दूर चला गया था। उस बच्चे की मां वहीं नदी के किनारे खोजती नजरों से उसका इंतजार करती रही। वन विभाग की टीम को जैसे ही इसकी सूचना मिली, उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। स्थानीय मछुआरों की मदद से नदी की लहरों के बीच से उस नवजात बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

डॉक्टरों ने तुरंत हाथी की जांच की। वन विभाग की टीम ने बच्चे को उसकी मां के पास जैसे ही पहुंचाया,तो मां का रिएक्शन देखने लायक था। हथिनी मां तुरंत अपने बच्चे को दुलारते पुचकारते हुए अपना दूध पिलाने लगी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार को उत्तरी बंगाल के मालबाजार ब्लॉक स्थित बैकुंठपुर वन प्रभाग में हुई।

नदी पार करते समय मां से बिछड़ा बच्चा

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे हाथियों का एक झुंड तीस्ता नदी पार करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान महज कुछ दिन का हाथी का बच्चा अपनी मां से अलग हो गया और तेज बहाव में बह गया। बैकुंठपुर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) मुदित कुमार ने अखबार को बताया कि बच्चा गाजलडोबा बैराज के पास अपनी मां से अलग हुआ और करीब 4 किलोमीटर नीचे की ओर बह गया। उन्होंने बताया कि उस समय मां गाजलडोबा के पास ऊपर की ओर थी। जबकि बच्चा नदी के बहाव में काफी दूर चला गया।

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