'उभरती महाशक्ति' भारत को UNSC में मिले स्थायी सीट, 4 प्रमुख यूरोपीय देशों ने स्थायी सीट की दावेदारी का किया समर्थन

UN जनरल असेंबली के दौरान भारत के साथ हुई पहली विदेश मंत्रियों की बैठक में विसेग्राड ग्रुप (V4) के चार सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया। स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य भारत की दावेदारी का समर्थन करने में एकजुट हैं

अपडेटेड Sep 22, 2026 पर 7:33 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
India Permanent UNSC Seat: स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि चारों V4 देश भारत की दावेदारी पर एकमत हैं

India Permanent UNSC Seat: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता की भारत की दावेदारी को यूरोप के चार प्रमुख देशों का समर्थन मिला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर भारत और विसेग्राद समूह (V4) के देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक में पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने भारत की स्थायी सदस्यता की मांग का समर्थन किया। बैठक के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि चारों V4 देश भारत की दावेदारी पर एकमत हैं। उन्होंने भारत को ग्लोबल साउथ का हिस्सा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की 'उभरती महाशक्ति' बताते हुए कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के तौर पर मेज पर होना चाहिए।

ब्लानार का बयान ऐसे समय आया है जब भारत संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय में अपनी भूमिका बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। V4 के चारों देशों का संयुक्त समर्थन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत और V4 देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर सहमति


विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहली V4-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक को एक ‘नया ऐतिहासिक अवसर’ बताया। बैठक में राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, रक्षा और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी। भारत और V4 देशों ने विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक आयोजित करने और एक वार्षिक बिजनेस फोरम शुरू करने का भी फैसला किया।

जयशंकर ने कहा कि भारत और V4 देश तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे। साथ ही मौजूदा रक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा, "रक्षा के क्षेत्र में सभी V4 देशों के साथ हमारा बहुत मजबूत इतिहास रहा है। हम उस रिकॉर्ड और सहयोग को फिर से मजबूत करते हुए आगे ले जाना चाहते हैं।"

टेक्नोलॉजी, रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा

बैठक में अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी, रिसर्च, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। लोगों के बीच संपर्क को भी अहम क्षेत्र माना गया। जयशंकर ने चारों देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की मौजूदगी का उल्लेख किया। विदेश मंत्रियों ने यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति समेत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।

ये भी पढ़ें- Weather Forecast: 30 सितंबर तक जारी रहेगा बरसात का दौर! इन राज्यों में होगी आफत की बारिश, जानें- दिल्ली और यूपी समेत पूरे देश का हाल

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत और V4 देशों ने राजनीतिक सहयोग बढ़ाने, आर्थिक संबंधों को गहरा करने तथा टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च और शिक्षा में साझेदारी मजबूत करने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष रक्षा सहयोग को फिर से मजबूत करने, सांस्कृतिक और जन से जन संबंधों का विस्तार करने तथा बहुपक्षवाद (Multilateralism) को समर्थन देने के लिए मिलकर काम करेंगे।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।