Wolf Moon January 2026: नया साल खगोल प्रेमियों के लिए एक ऐसा तोहफा लेकर आ रहा है, जो उनके लिए बेहद खास है। ये तोहफा उन्हें 01 जनवरी को तो नहीं मिला है, 2 जनवरी को भी नहीं, लेकिन 3 जनवरी को जरूर मिलेगा। 3 जनवरी को, पूर्णिमा है और इसी दिन वुल्फ मून उगेगा जो सामान्य से काफी बड़ा और चमकीला होगा। खगोलविदों और चांद-तारों में दिलचस्पी रखने वाले सभी लोगों को खूब पसंद आएगी। आमतौर पर आने वाली पूर्णिमा नहीं है, यह एक सुपरमून है। खास बात ये है कि यह आखिरी सुपरमून होगा, इसके बाद अगला सुपरमून नवंबर 2026 से पहले नहीं देख पाएंगे।
सुपरमून तब होता है जब पूर्णिमा को होता है, ठीक उसी समय जब वह पृथ्वी के सबसे करीब होता है, जिसे खगोलविद पेरिगी कहते हैं। इस समय चंद्रमा बड़ा और ज्यादा चमकदार दिखाई देता है। वुल्फ मून एक माइक्रोमून की तुलना में लगभग 14% बड़ा और लगभग 30% ज्यादा चमकीला दिखता है। माइक्रोमून तब होता है जब चंद्रमा सबसे दूर होता है।
3 जनवरी की सुबह, लगभग 5 बजे चंद्रमा सबसे ज्सादा चमकीला होता है। अगर मौसम साथ देता है, तो चंद्रमा 2 जनवरी की शाम से लेकर पूरी रात और सुबह तक बड़ा और चमकीला होगा। चंद्रमा अक्सर उगने या डूबने के समय सबसे बड़ा दिखता है। इस प्रभाव को मून इल्यूजन के नाम से जाना जाता है, जो हमारे दिमाग को यह सोचने पर मजबूर करता है कि चंद्रमा जितना है उससे बड़ा दिख रहा है। चांद जैसे-जैसे ऊपर चढ़ता है, उसका रंग फीका पड़कर ज्यादा चमकदार, साफ और सफेद हो जाता है।
और भी खास होगी 3 जनवरी की रात
बिना उपकरण दिखेगा ये नजारा
सबसे अच्छी बात यह है कि इस नजारे को देखने के लिए आपको किसी फैंसी उपकरण की जरूरत नहीं है। नए साल का इससे शानदार स्वागत और कोई हो ही नहीं सकता है। इसमें चांदनी, ग्रह और कभी-कभी उल्का की बारिश आसमान में नजर आएगी।