आजकल सोशल मीडिया पर रील्स बनाना और वीडियो डालना सिर्फ टाइमपास नहीं रह गया है। कई युवा इससे अच्छी कमाई कर रहे हैं और अपना करियर भी बना रहे हैं। इसी को देखते हुए अब ब्रिटेन की यूनिवर्सिटीज में कंटेंट क्रिएशन की पढ़ाई भी कराई जा रही है। यहां छात्रों को बताया जाता है कि वीडियो कैसे बनाएं, लोगों को अपने कंटेंट से कैसे जोड़ें और ब्रांड्स के साथ काम करके पैसे कैसे कमाएं। खास बात यह है कि अब इस फील्ड में डिग्री लेने का विकल्प भी मौजूद है।
हालांकि, सवाल यह है कि क्या कंटेंट क्रिएटर बनने के लिए डिग्री लेना जरूरी है या बिना किसी कोर्स के भी इस काम में सफलता हासिल की जा सकती है? आइए जानते हैं कि कंटेंट क्रिएशन के कोर्स में क्या सिखाया जाता है और इससे युवाओं को करियर बनाने में कितनी मदद मिल सकती है।
कंटेंट क्रिएशन की पढ़ाई से मिल रहे नए मौके
ब्रिटेन की Nottingham Trent University से कंटेंट क्रिएशन में ऑनर्स डिग्री लेने वाली डेस्टिनी मैकगोवन इसका उदाहरण हैं। BBC से बातचीत में उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रमों और पैनल के जरिए उन्हें इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों से मिलने का मौका मिला।
डेस्टिनी के मुताबिक, ऐसे संपर्क बनाने में किसी व्यक्ति को सामान्य तौर पर पांच से दस साल लग सकते हैं। पढ़ाई के दौरान उन्हें कंटेंट बनाने के लिए जरूरी उपकरण, तकनीक और इंडस्ट्री के लोगों से जुड़ने के अवसर भी मिले। अब वह कंटेंट क्रिएटर के तौर पर कमाई कर रही हैं।
यूनिवर्सिटीज क्यों सिखा रही हैं सोशल मीडिया का हुनर?
कंटेंट क्रिएशन की बढ़ती मांग को देखते हुए कई शैक्षणिक संस्थान इस क्षेत्र में विशेष कोर्स पेश कर रहे हैं। University of Brighton में छात्रों को ऐसा कंटेंट तैयार करना सिखाया जाता है, जो इंटरनेट पर मौजूद लाखों पोस्ट के बीच लोगों का ध्यान खींच सके। वहीं, Arizona State University के शिक्षकों का भी मानना है कि इस क्षेत्र में छात्र अपनी रचनात्मक सोच को ऐसे काम में बदल सकते हैं, जो दर्शकों से जुड़ सके।
नौकरी से लेकर अपना बिजनेस शुरू करने तक के विकल्प
Nottingham Trent University में कंटेंट क्रिएशन की कोर्स लीडर और वरिष्ठ लेक्चरर जैकी गुर के मुताबिक, कंटेंट बनाना अब एक पेशेवर कौशल बन चुका है। इसकी जरूरत कंपनियों और अलग-अलग संस्थानों को भी पड़ रही है। इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोग किसी एजेंसी में नौकरी कर सकते हैं, फ्रीलांसर के रूप में काम कर सकते हैं या अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं। घर से काम करने के विकल्प भी उपलब्ध हैं।
क्या कंटेंट क्रिएटर बनने के लिए डिग्री जरूरी है?
फूड, फैशन और लाइफस्टाइल पर कंटेंट बनाने वाली 36 वर्षीय आइशा बीस्ले इस क्षेत्र में पढ़ाई की संभावनाओं को अच्छा मानती हैं। उन्होंने BBC को बताया कि अगर उनके कंटेंट बनाना शुरू करने के समय ऐसा कोर्स उपलब्ध होता, तो वह भी इसमें दाखिला लेने के बारे में सोचतीं।
हालांकि, हर क्रिएटर की राय एक जैसी नहीं है। नाइटनेटर नाम के कंटेंट क्रिएटर का मानना है कि कंपनियां किसी व्यक्ति को काम देते समय उसकी डिग्री को बहुत ज्यादा महत्व दें, यह जरूरी नहीं है।
हुनर और अनुभव भी निभाते हैं अहम भूमिका
कंटेंट क्रिएशन की डिग्री छात्रों को तकनीकी जानकारी, अभ्यास और संपर्क बनाने का अवसर दे सकती है। लेकिन केवल डिग्री हासिल कर लेने से सफलता की गारंटी नहीं मिलती। इस क्षेत्र में नए विचार, लगातार मेहनत, दर्शकों की पसंद की समझ और अच्छे कंटेंट का पोर्टफोलियो भी महत्वपूर्ण हैं।