Donald Trump vs US Media: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 'व्हाइट हाउस' और मीडिया संस्थानों के बीच प्रेस एक्सेस को लेकर चल रहे विवाद के बीच 'ट्रंप टीवी' नाम से 24/7 स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया है। इस प्लेटफॉर्म पर ट्रंप के पुराने भाषण, सार्वजनिक कार्यक्रमों के वीडियो, प्रशासन की घोषणाएं और ताजा अपडेट जारी किए जा रहे हैं। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने फर्जी खबरें चलाने का आरोप लगाकर CNN, MS NOW और पॉलिटिको के व्हाइट हाउस में एंट्री पर रोक लगा दी थी।
इसके विरोध में अमेरिका के शीर्ष पांच मीडिया हाउसों ने एकजुट होकर व्हाइट हाउस की वीडियो कवरेज रोक दी है। ABC, CBS, Fox News, CNN और NBC न्यूज ने मिलकर संयुक्त रूप से राष्ट्रपति ट्रंप का कवरेज न करने का ऐलान किया है।
इसके बाद व्हाइट हाउस के आधिकारिक X अकाउंट ने 'Trump TV' प्लेटफॉर्म के लॉन्च की है। इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 'ट्रंप टीवी' अब लाइव है। यहां राष्ट्रपति के महत्वपूर्ण पुराने पलों, घोषणाओं और प्रशासन की ताजा गतिविधियों को एक जगह देखा जा सकता है।
ट्रंप के पुराने भाषणों का प्रसारण
लॉन्च के दौरान 'व्हाइट हाउस' ने ट्रंप के कई पुराने सार्वजनिक कार्यक्रमों और भाषणों के फुटेज जारी किए। इनमें जनवरी 2025 में अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में उनके शपथ ग्रहण समारोह के वीडियो भी शामिल थे। Trump TV की शुरुआत ऐसे समय हुई है जब ट्रंप प्रशासन और कई प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थानों के बीच 'व्हाइट हाउस' में पत्रकारों की पहुंच को लेकर विवाद चल रहा है।
CNN, Politico और MS NOW ने दायर किया मुकदमा
CNN, Politico और MS NOW ने ट्रंप प्रशासन द्वारा अपने पत्रकारों की 'व्हाइट हाउस' तक पहुंच सीमित किए जाने के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है। इन मीडिया संस्थानों का तर्क है कि सरकार को उनकी रिपोर्टिंग के आधार पर यह तय नहीं करना चाहिए कि कौन-से पत्रकार 'व्हाइट हाउस' में प्रवेश कर सकते हैं। वहीं, 'व्हाइट हाउस' का कहना है कि अमेरिकी संविधान मीडिया को प्रकाशित करने की स्वतंत्रता देता है। लेकिन किसी विशेष मीडिया संस्थान को व्हाइट हाउस परिसर, ब्रीफिंग रूम या राष्ट्रपति के प्रेस पूल तक पहुंच की गारंटी नहीं देता।
ट्रंप ने मीडिया प्रतिबंधों का किया बचाव
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात के बाद ग्रेसी मेंशन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों की जिम्मेदारी निष्पक्ष रिपोर्टिंग करना है। उन्होंने कहा कि जिन आउटलेट्स को वह 'फेक न्यूज' मानते हैं, उन्हें व्हाइट हाउस में प्रवेश देने से इनकार करना उनका अधिकार है। ट्रंप ने मीडिया के संभावित बहिष्कार की बात को भी खारिज करते हुए कहा कि पहले भी बहिष्कार की बातें हुई हैं। लेकिन मीडिया ने ऐसा नहीं किया।
CNN, Politico और MS NOW की याचिका पर मामला अमेरिकी जिला जज टिमोथी केली के सामने पहुंचा है, जिन्हें ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान संघीय न्यायपालिका में नियुक्त किया गया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Truth Social' पर मुकदमे को लेकर इन मीडिया संस्थानों की आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि अगर अदालत का फैसला प्रशासन के खिलाफ आता है तो उनकी सरकार अपील करेगी। उन्होंने इन संस्थानों पर उनके प्रशासन की नकारात्मक रिपोर्टिंग और कथित तौर पर गलत सूचनाएं प्रकाशित करने के आरोप भी लगाए।
'व्हाइट हाउस टीवी' पूल पर भी असर
यह विवाद 'व्हाइट हाउस' के टेलीविजन पूल तक भी पहुंच गया है। यह व्यवस्था राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की साझा वीडियो फुटेज कई मीडिया संस्थानों को उपलब्ध कराती है। फिलहाल, ट्रंप न्यूयॉर्क में 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए मौजूद हैं। वह महासभा की हाई-लेवल जनरल डिबेट में हिस्सा लेने के साथ कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करने वाले हैं।