Gold Bars update: वैश्विक अर्थव्यवस्था में जितनी उथल-पुथल आज दिख रही है, उतनी सामान्य समय में (प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध को छोड़कर) शायद ही पहले कभी दिखी होगी। इसके केंद्र में अमेरिकी अर्थव्यवस्था है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कर्ज का बोझ काफी बढ़ गया है। ईरान से इस साल फरवरी के अंत में शुरू लड़ाई ने संकट और बढ़ा दिया है। इससे दुनिया में आर्थिक शक्ति के रूप में अमेरिका की साख घटती दिख रही है। अब नीदरलैंड्स ने अमेरिका में रखा अपना सोना दूसरे देश में शिफ्ट कर दिया है।
DNB ने अपना 86 टन सोना लंदन शिफ्ट किया
इससे पहले फ्रांस ने अमेरिका से अपना सोना निकाल लिया था। अब नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक 'डच सेंट्रल बैंक' (DNB) ने अमेरिका और कनाडा में रखा अपना करीब 86 टन सोना लंदन शिफ्ट कर दिया है। बताया जाता है कि बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन को देख उसने सावधानी के लिए ऐसा किया है। अमेरिका की पहचान सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति की रही है। लेकिन, अब अमेरिका की इस छवि में सेंध लगती दिख रही है। अमेरिका की आर्थिक क्षमता पर भरोसा घट रहा है।
नीदरलैंड्स के गोल्ड रिजर्व का 25% हिस्सा अब बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास है
DNB ने अमेरिका में रखे अपने सोना का 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सा लंदन ट्रांसफर कर दिया है। खुद डच सेंट्रल बैंक ने यह जानकारी दी है। उसने बताया है कि मार्च और अगस्त के बीच उसने यह एहतियाती कदम उठाया है। अब डीएनबी का यह सोना Bank of England के पास है। नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि बैंक ऑफ इंग्लैंड में रखे सोना को अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना होता है। उसे दुनिया में सबसे आसानी से ट्रेडेबल गोल्ड की पहचान मिलती है।
अमेरिका में रखे सोने को जल्द इस्तेमाल करने में कठिनाई
नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका और कनाडा में रखे सोना का जल्द इस्तेमाल करना मुश्किल है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने कहा है, "हमने लंदन में सोना ट्रांसफर कर अपने गोल्ड रिजर्व की ट्रेडेबिलिटी यानी ट्रेड होने की क्षमता बढ़ाई है।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि उन्हें कभी इस सोने के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जियोपॉलिटिकल टेंशन के बीच डीएनबी ने उठाया एहतियाती कदम
डीएनबी ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब सोने की कीमतों में बड़ी तेजी आई है। इधर, अमेरिका और ईरान में टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस टकराव की जड़ में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है, जिस पर ईरान अपना दावा छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच की लड़ाई का फिलहाल कोई अंत नहीं दिख रहा है। इससे पहले फ्रांस के केंद्रीय बैंक ने जुलाई 2025 से जनवरी 2026 के बीच अमेरिका में न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के पास रखा अपना 129 टन सोना हटा लिया था।