India-Pakistan Dispute: 'भारत से युद्ध करेंगे...'; पाकिस्तान में गहराता जल संकट! PAK रक्षा मंत्री ने दी गीदड़ भभकी

India-Pakistan Dispute: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें लगता है कि देश की जल सुरक्षा को गंभीर खतरा है, तो इस्लामाबाद भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। यह चेतावनी नई दिल्ली द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद बढ़ते तनाव के बीच आई है

अपडेटेड Jun 22, 2026 पर 12:25 PM
India-Pakistan Dispute: सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद पाकिस्तान पानी के लिए तरस रहा है

India-Pakistan Dispute: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को लेकर बड़ा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान को लगे कि उसकी जल सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को गंभीर खतरा पहुंच रहा है, तो वह भारत के खिलाफ युद्ध का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगा। ARY News को दिए एक इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने कहा, "जिस क्षण हमें महसूस होगा कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और पानी खतरे में है, हम भारत के खिलाफ युद्ध करेंगे।" उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सिंधु नदी प्रणाली से जुड़े जल प्रवाह को रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

सिंधु जल संधि पर विवाद की जड़

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद 1960 की सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को ‘अबेयंस’ (स्थगित) रखने का फैसला किया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और सत्यापन योग्य कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। हाल के महीनों में भारत सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी स्पष्ट किया है कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत का रुख कड़ा बना रहेगा।


ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत चिनाब नदी के जल प्रवाह में हेरफेर कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत, पाकिस्तान को जरूरी सूचनाएं नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले भी जल बंटवारे से जुड़े मामलों में अनेक निरीक्षण कर चुका है। हालांकि, इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले एक साल में हुई कुछ ताजा गतिविधियों की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।

पाकिस्तान में गहराता जल संकट

पाकिस्तानी विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की आंतरिक जल समस्या भी इस बयानबाजी की बड़ी वजह है। सिंध और बलूचिस्तान समेत कई क्षेत्रों में पानी की भारी कमी की रिपोर्ट सामने आई है। सिंध सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कई प्रमुख नहरों में गंभीर जल संकट बना हुआ है, जिससे कृषि और पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

सिंधु जल संधि को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। पाकिस्तान की ओर से पहले भी कहा गया था कि यदि उसके हिस्से के पानी को रोका गया तो इसे गंभीर कदम माना जाएगा। वहीं भारत का कहना है कि आतंकवाद और जल समझौते साथ-साथ नहीं चल सकते।

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भारत-पाक विवाद की बड़ी बातें

  • भारत-पाक के बीच ताजा विवाद सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) से जुड़ा है।
  • यह संधि 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे को तय करती आ रही है।
  • पाकिस्तान खेती और पानी की सप्लाई के लिए सिंधु नदी प्रणाली पर बहुत अधिक निर्भर है।
  • संधि को लेकर कोई भी अनिश्चितता स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान में चिंता पैदा करती है।
  • पाकिस्तान घरेलू जल संकट का भी सामना कर रहा है।
  • नहरों में पानी की कमी के आंकड़े गंभीर हैं।
  • सिंध और बलूचिस्तान जैसे प्रांतों में पानी की कमी नेताओं पर कड़ा सार्वजनिक रुख अपनाने का राजनीतिक दबाव बढ़ा सकती है।
  • पानी को लेकर सैन्य टकराव दोनों देशों के लिए बहुत जोखिम भरा होगा।
  • भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु हथियार वाले देश हैं।
  • इतिहास गवाह है कि बड़े संकटों और युद्धों के दौरान भी सिंधु जल ढांचा कायम रहा क्योंकि दोनों पक्षों को तनाव बढ़ने के खतरों का एहसास था।
  • आसिफ मुनीर का आरोप है कि भारत पानी के बहाव में हेरफेर कर रहा है। लेकिन यह भी कहा गया है कि उन्होंने माना कि उन्हें पिछले साल हुई घटनाओं की पूरी जानकारी नहीं थी।

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