India-US Trade Deal: 'व्यापार समझौता बेहद करीब, लेकिन पहले से अलग होंगी शर्तें...'; भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ट्रंप का बड़ा ऐलान

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी ट्रेड डील को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार समझौता बेहद करीब है। दोनों देश इसे अंतिम रूप देने के करीब हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के साथ होने वाला समझौता अमेरिका के अन्य देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों से काफी अलग होगा

अपडेटेड Oct 22, 2026 पर 8:27 AM
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India-US Trade Deal: ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पहले के समझौतों से काफी अलग होगा (फाइल फोटो)

India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब हैं। लेकिन यह डील पहले किए गए समझौतों से काफी अलग होगा। ट्रंप ने मंगलवार को ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यालय) में पत्रकारों से कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब पहुंच गए हैं। ट्रंप ने इस संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, "वे (भारत) समझौता करना चाहते हैं। हम समझौता करेंगे। हां, हम इसके काफी करीब हैं।"

राष्ट्रपति ने कहा, "यह समझौता अब तक किए गए हमारे समझौतों से काफी अलग होगा।" ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस महीने की शुरुआत में व्यापार समझौते की बारीकियों पर चर्चा करने के लिए मिल्वॉकी और वाशिंगटन में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर से मुलाकात की थी। भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने की फरवरी में घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में टैरिफ संबंधी नीतियों में बदलाव के कारण इस समझौते पर आगे भी बातचीत करनी पड़ी।


रुबियो ने रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी का दौरा किया

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के विशाल जामनगर तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। उनके इस दौरे को भारत के साथ ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की अमेरिकी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत की ऑयल रिफाइनरी कैपेसिटी का अधिक उपयोग करने, अमेरिकी ऊर्जा की खरीद बढ़ाने और भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहा है।

इस दौरे से जुड़े लोगों ने बताया कि रुबियो ने अपनी पत्नी जीनेट डौसडेबेस रुबियो के साथ एक ही जगह दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स, वनतारा वन्यजीव बचाव एवं संरक्षण केंद्र और रिलायंस के उभरते क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग हब का दौरा किया। रुबियो कुछ घंटे जामनगर में रहे और इसके बाद अमेरिका के लिए रवाना हो गए।

अंबानी परिवार ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का किया स्वागत

जाने-माने उद्योगपति और रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व में अंबानी परिवार के लगभग सभी सदस्यों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस मौके पर मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी, बेटी ईशा अंबानी और उनके पति आनंद पीरामल, छोटे बेटे अनंत अंबानी और उनकी पत्नी राधिका मर्चेंट के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक पीएमएस प्रसाद तथा भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर मौजूद थे।

मुकेश अंबानी के बड़े बेटे और जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी दूरसंचार कंपनी की इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की शुरुआत की तैयारियों में जुटे थे। रुबियो जामनगर पहुंचने से एक दिन पहले भारत को कच्चे तेल के रिफाइनिंग के मामले में एक 'महाशक्ति' बताते हुए उससे वेनेजुएला के तेल का अधिक प्रोसेस करने का आग्रह कर चुके थे।

अधिकारियों ने अंबानी की मेजबानी में आयोजित कार्यक्रम को निजी दौरा बताया है। दोनों पक्षों ने कार्यक्रम के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। भारत यात्रा के दौरान रुबियो का दौरा ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका, भारत को अमेरिकी ऊर्जा की बिक्री बढ़ाने, पश्चिमी गोलार्ध (अमेरिका और वेनेजुएला) से आने वाले कच्चे तेल के रिफाइनिंग को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदने वाली और ईंधन की प्रमुख निर्यातक रिलायंस के साथ कारोबारी संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

यह दौरा अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले डीजल की कीमतों को लेकर बढ़ते दबाव के बीच भी हुआ है। गोर ने कहा कि भारत के आयात में अमेरिकी एलपीजी की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने टेक्सास में नई रिफाइनरी लगाने की रिलायंस की प्रस्तावित योजना को भी अमेरिकी ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और रोजगार सृजित करने का अवसर बताया।

रुबियो ने रिलायंस के स्वामित्व वाले 'नेटवर्क18' से एक इंटरव्यू कहा कि अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध से ऊर्जा के रिफाइनिंगके लिए रिलायंस के साथ मिलकर अधिक काम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि इस तरह का सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। रिलायंस का जामनगर परिसर प्रतिदिन करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल का रिफाइनिंग कर सकता है। यह वैश्विक बाजारों में डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित वनतारा जामनगर में करीब 3,000 एकड़ क्षेत्र में फैला है। यहां वन्यजीवों को बचाने, उनके पुनर्वास और संरक्षण पर ध्यान दिया जाता है। सूत्रों ने बताया कि 5,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स पर अनुमानित 75,000 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

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