'ईरान को न्यूक्लियर हथियार देने को तैयार', अमेरिकी हमले के बाद पुतिन के करीबी नेता का बड़ा दावा

Iran-Israel War : बीती रात अमेरिका ने ईरान पर हमला किया और उसके 3 न्यूक्लियर साइट पर बम दागे हैं। ईरान पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक सफल ऑपरेशन था। इसके उलट ईरान ने कहा है कि उसके भारी सुरक्षा वाले फोर्डो परमाणु ठिकाने को सिर्फ मामूली नुकसान पहुंचा है। वहीं जंग के इस माहौल के बीच रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है

अपडेटेड Jun 22, 2025 पर 6:09 PM
ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है।

Iran-Israel War : ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। बीती रात अमेरिका ने ईरान पर हमला किया और उसके 3 न्यूक्लियर साइट पर बम दागे हैं। ईरान पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह एक सफल ऑपरेशन था। इसके उलट ईरान ने कहा है कि उसके भारी सुरक्षा वाले फोर्डो परमाणु ठिकाने को सिर्फ मामूली नुकसान पहुंचा है। वहीं जंग के इस माहौल के बीच रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है।

पुतिन के करीबी नेता का बड़ा दावा

रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने रविवार को कहा कि अगर अमेरिका ईरान पर हमलों में शामिल रहा, तो कई देश ईरान को परमाणु हथियार देने के लिए तैयार हो सकते हैं। उनका यह बयान उस दिन आया, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों – फोर्डो, नतांज और इस्फ़हान – पर हमला किया। यह हमला 1979 की ईरानी क्रांति के बाद पहला ऐसा सीधा हमला माना जा रहा है। अमेरिका के इस हमले में इजरायल के साथ शामिल होने से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने भी सख्त जवाब देने की चेतावनी दी है और कहा है कि वह इस हमले को नजरअंदाज नहीं करेगा।


बता दें कि रूस के पूर्व राष्ट्रपति और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद कई देश उसे सीधे परमाणु हथियार देने को तैयार हो सकते हैं। उन्होंने यह बात एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कही। मेदवेदेव के मुताबिक, अमेरिका द्वारा ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर किए गए हमले का नतीजा ट्रम्प की योजना से बिल्कुल उल्टा निकला है। उन्होंने साफ कहा, “ईरान में अब यूरेनियनम इनरिचमेंट और आगे चलकर शायद न्यूक्लियर हथियारों का निर्माण भी जारी रहेगा।” मेदवेदेव ने यह भी कहा कि इन हमलों के बावजूद ईरान की सरकार न केवल बची है, बल्कि पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है।उन्होंने जोर देकर कहा कि अब ईरानी लोग देश के धार्मिक नेतृत्व के साथ एकजुट हो रहे हैं, जिनमें वो लोग भी शामिल हैं जो पहले तटस्थ थे या विरोध में थे।

ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी

वहीं अमेरिका के हमले के बाद ईरान की सेना - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने राज्य टेलीविजन पर एक बयान में अमेरिका को चेतावनी दी है कि तेहरान की परमाणु सुविधाओं पर हुए हमलों का जल्द ही जवाब मिलेगा, जो "अफसोसजनक" होगा। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी सख्त लहजे में कहा कि जवाबी कार्रवाई में कोई देरी नहीं होगी। खामेनेई के प्रतिनिधि होसैन शरीयतमादारी ने ईरानी मीडिया से कहा कि पहला जवाबी कदम बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल हमला हो सकता है।

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