Iran Nuclear Warning: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनियों के बीच तेहरान में हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, ट्रंप का प्रमुख निशाना ईरान के पिकैक्स माउंटेन स्थित अंडरग्राउंड न्यूक्लियर फैसिलिटी है।
इसी बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन (IRNA) और इमरजेंसी सर्विसेज ने पूरे देश में नागरिकों के लिए एक आपातकालीन एडवाइजरी और वीडियो मैसेज जारी किया है, जिसमें न्यूक्लियर स्ट्राइक यानी परमाणु हमले से बचने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
न्यूक्लियर ब्लास्ट से बचने के लिए तेहरान की गाइडलाइंस
धमाके की तेज रोशनी को न देखें: न्यूक्लियर ब्लास्ट होते ही उसकी तेज रोशनी की तरफ बिल्कुल न देखें। तुरंत जमीन पर पेट के बल लेट जाएं और हाथों से अपने सिर व चेहरे को पूरी तरह ढक लें।
मजबूत दीवार या बैरियर के पीछे छिपें: अगर संभव हो तो धमाके के समय किसी मजबूत दीवार या बैरियर की ओट लें।
ब्लास्ट वेव बीतने के बाद निकटतम इमारत में जाएं: धमाके की शॉकवेव गुजरते ही तुरंत नजदीकी पक्की इमारत के भीतर चले जाएं। फोटो-वीडियो बनाने या तमाशा देखने के लिए बाहर न रुकें।
कार में आश्रय न लें: गाड़ी के अंदर रुकना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। इमारतों की खिड़कियों और बाहरी दीवारों से पूरी तरह दूर रहें।
रेडियोएक्टिव फॉलआउट से बचाव और सफाई: सुरक्षित स्थान पर पहुंचते ही गुनगुने पानी और साबुन से नहाएं। केवल नॉर्मल शैम्पू का इस्तेमाल करें (कंडीशनर का इस्तेमाल न करें क्योंकि यह रेडिएशन को बालों से चिपका देता है)। अगर नहाना संभव न हो, तो पानी या गीले वाइप्स से चेहरे, हाथ और खुली त्वचा को साफ करें।
24 घंटे तक शेल्टर में रहें: केवल बोतल बंद पानी और पैक्ड फूड का ही सेवन करें। कम से कम 24 घंटे तक शेल्टर से बाहर न निकलें। यदि इमारत में आग लग जाए या गिरने का डर हो, तभी दूसरे सुरक्षित शेल्टर में शिफ्ट हों।
सरकारी घोषणाओं का इंतजार करें: 24 घंटे बीत जाने के बाद भी स्थिति को खुद से सुरक्षित न समझें। जब तक आपातकालीन ब्रॉडकास्ट और आधिकारिक रेडियो से सुरक्षित निकासी का निर्देश न मिले, अंदर ही रहें।
क्यों गहराया ईरान पर परमाणु हमले का डर?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि, अमेरिका ईरान के संदेहास्पद परमाणु ठिकानों को '10 मिनट के अंदर' तबाह कर सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद तेहरान अलर्ट मूड पर है।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच ईरान को अंदेशा है कि उस पर बड़ा सैन्य या परमाणु हमला हो सकता है। इसी डर से ईरान ने अपने नागरिकों को पैसिव डिफेंस वीक के तहत न्यूक्लियर अटैक से बचने की स्पेशल ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है।