Israel-Iran War: ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब एक भयानक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। दोनों देश एक दूसरे पर बीते एक हफ्ते से लगातार हमले कर रहे हैं। वहीं ईरान ने इज़राइल के साथ चल रहे टकराव के बीच बिना नाम लिए पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी है। दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख जावेद हुसैनी ने शुक्रवार को कहा कि अगर कोई तीसरा देश इस संघर्ष में कूदता है, तो उसे भारी अंजाम भुगतने पड़ सकते हैं।
ईरान ने दी पाकिस्तान को चेतावनी!
भारत में ईरान मिशन के उप प्रमुख मोहम्मद जावेद हुसैनी ने अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप और पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर की मुलाकात पर भी बात की है। उन्होंने कहा कि ईरान को उम्मीद है कि पड़ोसी देश होने के नाते पाकिस्तान उनके साथ खड़ा होगा। ईरान की ओर से ट्रंप-मुनीर मुलाकात पर यह पहली प्रतिक्रिया है। जब हुसैनी से व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की हालिया यात्रा के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "अगर कोई तीसरा पक्ष इस युद्ध में शामिल होता है, तो हम गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हैं।"
ईरान को खटक रही है ये बात
ऐसा माना जा रहा है कि ईरान को यह बात खटक रही है कि जनरल असीम मुनीर ने हाल ही में अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। ईरान का यह बयान इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। ईरान ने भारत के साथ किसी भी तरह की नाराज़गी से इनकार किया है और आगे बढ़ने के लिए बेहतर समझ और सहयोग की उम्मीद जताई है। मोहम्मद जावेद हुसैनी ने कुछ पश्चिमी संस्थाओं पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी, यानी IAEA, इज़राइल के इशारे पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि G7 देश लगातार इज़राइल का समर्थन कर रहे हैं।
मोहम्मद जावेद हुसैनी ने ज़ोर देकर कहा, "ईरान एनपीटी (परमाणु अप्रसार संधि) पर साइन किया है, लेकिन हम किसी भी हालत में बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।" उनका कहना था कि ईरान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया है, लेकिन कुछ ताकतें जानबूझकर उसके खिलाफ माहौल बना रही हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी हाल में “बिना शर्त आत्मसमर्पण” नहीं करेगा। ईरानी दूतावास के उप प्रमुख जावेद हुसैनी ने कहा, "कोई बिना शर्त आत्मसमर्पण नहीं होगा, यह तय है।" उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर "बिना शर्त आत्मसमर्पण" की बात कही थी।
डबल गेम खेल रहा पाकिस्तान
बता दें कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने एक ही महीने में ईरान और अमेरिका दोनों के नेताओं से मुलाकात की। इससे यह सवाल उठने लगे कि पाकिस्तान किसके साथ है—तेहरान के या वाशिंगटन के? जनरल मुनीर ने मई में तेहरान जाकर ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई से मुलाकात की थी। उस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, सीमा सहयोग और सीमा पर हो रही अशांति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके कुछ ही हफ्तों बाद, उन्होंने अमेरिका जाकर डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर बात की। इसके साथ ही, ईरानी दूतावास ने भारत के “ऑपरेशन सिंधु” को समर्थन देने की बात दोहराई, जिसके तहत इज़राइल-ईरान संघर्ष में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। ईरान ने इस मानवीय अभियान में मदद जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।