मलेशिया के पूर्व PM नजीब जेल में नहीं अब घर में काटेंगे करप्शन की सजा! इस सुविधा के लिए भरी गई जुर्माने की रकम जान चौंक जाएंगे आप

मलेशिया के राजा ने सितंबर में नजीब रजाक को विशेष माफी दी थी। इसके तहत उन्हें जेल में सजा काटने के बजाय घर में नजरबंद रहने की अनुमति मिली थी। अब जुर्माना भरने के बाद नजीब अगस्त 2028 में पूरी तरह रिहा हो सकते हैं

अपडेटेड Nov 06, 2026 पर 2:51 PM
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मलेशिया के किंग सुल्तान इब्राहिम इस्कंदर ने नजीब रजाक को कुछ शर्तों के साथ माफी दी थी

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं। उनकी राजनीतिक पार्टी ने शुक्रवार को शाही माफी की शर्त के तहत 50 मिलियन रिंगिट (करीब 12.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना भर दिया है। इसके बाद अब वह अपनी बाकी सजा जेल के बजाय घर में नजरबंद रहकर पूरी कर सकते हैं। बता दें 73 साल के नजीब रजाक अगस्त 2022 से जेल में बंद हैं। उस समय मलेशिया की सर्वोच्च अदालत ने सरकारी निवेश फंड 1MDB से जुड़े अरबों डॉलर के घोटाले में उनकी सजा को बरकरार रखा था।

हाउस अरेस्ट रहेंगे नजीब रजाक

इसके बाद मलेशिया के राजा ने सितंबर में नजीब रजाक को विशेष माफी दी थी। इसके तहत उन्हें जेल में सजा काटने के बजाय घर में नजरबंद रहने की अनुमति मिली थी। अब जुर्माना भरने के बाद नजीब अगस्त 2028 में पूरी तरह रिहा हो सकते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि घर में नजरबंद रहने की यह छूट केवल पहले मामले में मिली छह साल की सजा के लिए है। 1MDB घोटाले से जुड़े दूसरे मामले में दिसंबर 2025 में नजीब को भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 15 साल की अलग सजा सुनाई गई थी। इस सजा के खिलाफ नजीब रजाक ने अपील की है। फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है।


घर पर कब शिफ्ट होंगे इसकी जानकारी नहीं

यूनाइटेड मलय नेशनल ऑर्गनाइजेशन (UMNO) के महासचिव असीराफ वाजिद दुसुकी ने बताया कि, पार्टी ने नजीब रजाक के लिए चंदा इकट्ठा करने का अभियान चलाया था, जिससे जुर्माने की रकम जुटाई गई। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को हाई कोर्ट में जुर्माने का पूरा भुगतान कर दिया गया। इस तरह पार्टी ने शाही माफी की एक अहम शर्त पूरी कर दी है। हालांकि, नजीब रजाक को जेल से घर में नजरबंदी के लिए कब शिफ्ट किया जाएगा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। शुक्रवार सुबह कुआलालंपुर स्थित उनके घर के बाहर पुलिस तैनात थी। साथ ही, उनके घर की ओर जाने वाली सड़क को भी बंद कर दिया गया था।

क्या है पूरा मामला

नजीब रजाक ने 2009 में प्रधानमंत्री बनने के कुछ समय बाद 1MDB नाम से एक सरकारी निवेश फंड शुरू किया था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस फंड से करीब 4.5 अरब डॉलर की चोरी की गई थी। आरोप है कि नजीब के सहयोगियों ने इस रकम को अमेरिका और दूसरे देशों के कई बैंक खातों के जरिए छिपाया और उसका गलत इस्तेमाल किया। बताया जाता कि चोरी के पैसों से हॉलीवुड फिल्मों में निवेश किया गया और होटल, महंगी नाव, कलाकृतियां, गहने जैसी लग्जरी चीजें खरीदी गईं।

2020 में सुनाई गई सजा

नजीब रजाक को साल 2020 में सत्ता का गलत इस्तेमाल करने, सरकारी पैसों की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में 12 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ ही उन पर 210 मिलियन रिंगिट (करीब 51.5 मिलियन डॉलर) का जुर्माना भी लगाया गया था। यह मामला सरकारी फंड SRC इंटरनेशनल से उनके बैंक खाते में 42 मिलियन रिंगिट (करीब 10.3 मिलियन डॉलर) आने से जुड़ा था। हालांकि, जनवरी 2024 में मलेशिया के क्षमादान बोर्ड ने उनकी सजा घटाकर छह साल कर दी और जुर्माने की रकम भी कम करके 50 मिलियन रिंगिट कर दी।

किंग ने दी माफी

बाद में मलेशिया के किंग सुल्तान इब्राहिम इस्कंदर ने नजीब रजाक को कुछ शर्तों के साथ माफी दी थी। इसके तहत जुर्माना भरने पर उन्हें 23 अगस्त 2028 तक अपनी बाकी सजा घर में रहकर पूरी करने की अनुमति मिल गई। हालांकि, दूसरे भ्रष्टाचार मामले में अगर वह अपनी अपील नहीं जीत पाते हैं, तो मौजूदा सजा पूरी होने के बाद उन्हें दोबारा जेल जाना पड़ सकता है।

मिली थी हार

1MDB घोटाले को लेकर मलेशिया के लोगों में काफी गुस्सा था। इसका असर 2018 के चुनाव में दिखा, जब देश की सत्ताधारी पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। यह पार्टी 1957 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से लगातार सत्ता में थी। हालांकि, जेल जाने के बाद भी नजीब रजाक का अपनी पार्टी UMNO में दबदबा बना हुआ है। उनकी पार्टी 2022 में बनी नई सरकार में भी शामिल है।

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