Nepal Rain-Flood: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में एक बार फिर से कुदरत का कहर देखने को मिला है। नेपाल में फिर बाढ़, भूस्खलन और मूसलाधार बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है। लगातार हो रही बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में फिर बाढ़ आ गई है। इससे मकान क्षतिग्रस्त हो गए और सड़कों पर ट्रैफिक बाधित हुआ। नेपाल पिछले महीने आई विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ से अभी उबर भी नहीं पाया है। इस बाढ़ में कम से कम 1,453 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 5,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।
शनिवार रात पाल्पा जिले की माथागढ़ी ग्रामीण नगरपालिका में भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। रविवार सुबह उनके शव बरामद कर लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि अलग-अलग घटनाओं में पिछले चार दिनों के दौरान बाढ़, भूस्खलन, आकाशीय बिजली गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में 16 लोगों की मौत हुई, जिससे मृतकों की कुल संख्या 21 हो गई। पड़ोसी देश में पिछले पांच दिनों के दौरान मानसून से जुड़ी 439 घटनाएं हुईं। जबकि सुरक्षा बलों ने बाढ़, भूस्खलन और जलभराव से प्रभावित 1,284 लोगों को बचाया।
नेपाल के मनांग जिले में रविवार को हिमलुंग हिमाल चोटी पर हिमस्खलन की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। जबकि 10 अन्य लापता हैं। पुलिस के अनुसार, नार फू क्षेत्र में 7,126 मीटर ऊंची हिमलुंग हिमाल चोटी के आधार शिविर में आए हिमस्खलन से एक तंबू दब गया, जहां 9 पर्वतारोही और 13 सहयोगी कर्मचारी ठहरे हुए थे। पुलिस उपाधीक्षक शैलेंद्र थापा के अनुसार, घटना के बाद करीब 12 लोग लापता हो गए थे। पुलिस ने बताया कि बाद में चोटी पर दो लोगों के शव मिले, जबकि 10 अन्य अब भी लापता हैं।
नेपाली नागरिक हैं लापता सभी लोग
थापा ने बताया कि लापता सभी लोग नेपाली नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर एक हेलीकॉप्टर भेजा गया है। हिमालयन हॉलीडेज नेपाल (एचएचएन) के एक अधिकारी के अनुसार, लापता लोग एचएचएन और इमेजिन नेपाल ट्रेक्स से जुड़े हैं। हिमस्खलन के बाद दोनों कंपनियों का अपने लोगों से संपर्क टूट गया।
अधिकारी ने कहा, "अभियान दल के एक सदस्य ने फोन करके बताया कि हिमस्खलन के बाद उनके साथी लापता हो गए हैं।" अधिकारी के अनुसार, अभियान दल के सदस्य ने बताया कि घटना के बाद वे अलग-अलग हो गए और अन्य लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
नेपाली अखबार 'द काठमांडू पोस्ट' की खबर के अनुसार, पर्यटन विभाग के महानिदेशक राम कृष्ण लामिछाने ने कहा कि अधिकारी स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। नेपाल के पर्वतीय जिलों में लगातार बारिश और बर्फबारी के बीच यह घटना हुई है, जिसके कारण भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं भी सामने आई हैं।