भारत में जन्मी नित्या रमन बनीं लॉस एंजिल्स की मेयर, LA में बड़ा उलटफेर, 20 साल बाद हारीं मौजूदा मेयर

भारत में जन्मी नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव में बड़ा उलटफेर कर दिया है। उन्होंने मौजूदा मेयर करेन बैस को हरा दिया है। इसके साथ ही रमन शहर की पहली दक्षिण एशियाई मेयर बन गई हैं। करीब 20 साल बाद किसी मौजूदा मेयर को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।

अपडेटेड Nov 06, 2026 पर 9:55 AM
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लॉस एंजिल्स की नई मेयर बनीं भारतीय मूल की नित्या रमन।

लॉस एंजिल्स (Los Angeles): अमेरिका के लॉस एंजिल्स (Los Angeles) शहर को नई मेयर मिल गई है। भारतीय मूल की नित्या रमन (Nitya Raman) ने मौजूदा मेयर करेन बैस (Karen Bass) को हरा दिया है। इसके साथ ही वो इस शहर की पहली दक्षिण एशियाई मेयर बन गई हैं।

Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, 45 साल की नित्या रमन (Nitya Raman) लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की सदस्य हैं। उन्होंने चुनाव में शहर की पुरानी समस्याओं को ही अपना सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था। इसमें बेघर लोगों की बढ़ती संख्या, सस्ते मकानों की कमी और खराब सड़कें-फुटपाथ जैसी बुनियादी सुविधाएं शामिल थीं। करीब 20 साल बाद ऐसा हुआ है जब किसी मौजूदा मेयर को चुनाव में हार मिली हो।

नित्या रमन कौन हैं?


नित्या रमन का जन्म भारत में हुआ था। 6 साल की उम्र में वो परिवार के साथ अमेरिका आ गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड और MIT से पढ़ाई की है। 2020 में वो लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल पहुंची थीं। तब भी वो इस पद पर पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला थीं। अब मेयर बनकर उन्होंने नया इतिहास बना दिया है।

ये बड़ी वजह बनी करेन बैस की हार की

करेन बैस 2022 में मेयर बनी थीं। उनके काम के दौरान शहर में बेघर लोगों की समस्या बढ़ती गई। जनवरी 2025 में लगी पैलिसेड्स की आग को लेकर भी उनकी काफी आलोचना हुई थी। उस वक्त वो देश से बाहर थीं। इन सब बातों का असर चुनाव पर पड़ा।

किन मुद्दों पर जीतीं रमन?

रमन ने चुनाव में बेघर लोगों की समस्या को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा, सिर्फ अस्थायी इंतजाम से काम नहीं चलेगा। बेघर लोगों को मेडिकल मदद और धीरे-धीरे पक्का घर देना होगा। साथ ही उन्होंने सस्ते मकान बढ़ाने और सड़क, फुटपाथ, स्ट्रीट लाइट जैसी चीजें ठीक करने का वादा किया। 2028 में होने वाले ओलंपिक से पहले खुले में रहने वाले बेघर लोगों की संख्या आधी करने का भी लक्ष्य रखा है।

हार के बाद बैस ने रमन को फोन पर दी बधाई

नतीजे आने के बाद करेन बैस ने हार मान ली। उन्होंने रमन को फोन करके बधाई दी और कहा कि सत्ता सौंपने में पूरा सहयोग करेंगी। शुरुआत में रमन पीछे चल रही थीं, लेकिन डाक से आए वोटों के बाद वो आगे निकल गईं। आखिरी गिनती में रमन को करीब 52% और बैस को 48% वोट मिले। अब रमन के सामने अपने वादे पूरे करने की बड़ी चुनौती होगी।

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