Pak President Zardari: कंगाल और कर्ज में डूबे पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हाल ही में न केवल तथ्यों से परे है बल्कि सांप्रदायिक नफरत से भरा हुआ भाषण दिया है। जरदारी ने भारत को गीदड़भभकी देते हुए दावा किया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान ने भारत को 'मुंहतोड़ जवाब' दिया था। उन्होंने अपने भाषण में आर्मी चीफ आसिम मुनीर की तरह ही कट्टरपंथी लहजा अपनाते हुए 'हिंदू बनाम मुस्लिम' का कार्ड खेला, जिसकी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है।
जनरल मुनीर के नक्शेकदम पर जरदारी
सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए जरदारी ने अपनी शेखी बघारने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जरदारी ने सांप्रदायिक रंग देते हुए कहा, 'मोदी को समझ आ गया कि यह कोई मजाक नहीं है। पाकिस्तान पाकिस्तान है और हम मुस्लिम हैं। हमें पता है कि अपना बचाव कैसे करना है।' उन्होंने दावा किया कि अगर युद्धविराम नहीं होता, तो पाकिस्तान भारत के सभी लड़ाकू विमानों को मार गिराता।
सबसे मजे की बात यह रही कि जरदारी को भारत के एयरक्राफ्ट कैरियर का नाम तक नहीं पता था। उन्होंने INS विक्रांत को 'INS विक्रम' कहते हुए दावा किया कि पाकिस्तान उसे भी डुबो सकता था।
'टू-नेशन थ्योरी' का फिर से अलापा राग
जरदारी का यह भाषण पाकिस्तान की उसी पुरानी और कट्टरपंथी सोच को दर्शाता है जिसे आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने अप्रैल में हवा दी थी। दरअसल जनरल मुनीर ने 16 अप्रैल को कहा था कि हिंदू और मुस्लिम दो अलग राष्ट्र हैं और उनकी सोच, संस्कृति और महत्वाकांक्षाएं कभी एक नहीं हो सकतीं। विशेषज्ञों का मानना है कि मुनीर के इसी भड़काऊ भाषण ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले की नींव रखी थी, जिसके जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। जरदारी ने भी कश्मीर को पाकिस्तान की 'शाहरग' बताते हुए कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश की।
दावों से बिल्कुल अलग है हकीकत
जरदारी की यह 'वीरगाथा' पाकिस्तान की अपनी आधिकारिक स्थिति के बिल्कुल उलट है। रिपोर्टों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय ड्रोन स्ट्राइक ने पाकिस्तान के एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद 10 मई को खुद पाकिस्तान के DGMO ने भारत से संपर्क कर सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की थी।
जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान की चरमराई अर्थव्यवस्था, महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जरदारी और मुनीर जैसे नेता 'धर्म' और 'भारत विरोध' का सहारा ले रहे हैं।