अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के असर से हजारों-लाखों मील दूर बैठे लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर ही नहीं उनके त्योहारों और खुशियों पर भी पड़ रहा है। इस जंग के असर से पाकिस्तान का आम जनजीवन इस कदर प्रभावित हुआ है कि यहां सरकार ने शादियों में सिर्फ एक डिश परोसने का फरमान जारी कर डाला है। पाकिस्तान ने गुरुवार को सरकारी गाड़ियों के फ्यूल में कटौती, सरकार द्वारा गाड़ी खरीदने, अधिकारियों के विदेश दौरों और सरकारी डिनर पर रोक लगाने का ऐलान किया। खाड़ी युद्ध की वजह से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए ऊर्जा बचाने के लिए उठाए गए कई कड़े कदमों का हिस्सा है।
खाड़ी संकट की वजह से देश में एलएनजी सप्लाई में रुकावट और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से पाकिस्तान को गैस और बिजली की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस साल दूसरी बार खर्चों में कटौती के लागू किए जा रहे कड़े कदमों में आईटी खरीद को छोड़कर सभी टिकाऊ सामान की सरकारी खरीद पर रोक और मीटिंग के लिए टेलीकॉन्फ्रेंसिंग पर स्विच करना भी शामिल है। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि देश भर में शादी से जुड़े सभी फंक्शन और आयोजनों में सिर्फ एक ही डिश परोसी जाए।
पाकिस्तान पीएमओ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “तीन महीने के लिए सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन प्रावधान में 50% की कमी, पूरे वित्तवर्ष 2026-27 के लिए गैर कर्मचारी संबंधित खर्च बजट में 5% की कमी, आईटी खरीद को छोड़कर सभी टिकाऊ सामान की खरीद पर पूरी रोक और तीन महीने के लिए विदेश यात्राओं पर पूरी रोक, यहां तक कि जरूरी यात्राओं के मामले में भी, स्कॉलरशिप के मामले को छोड़कर।”
पाकिस्तान ने मार्च में भी ऐसे ही कदम उठाए थे। देश में दो हफ्तों के लिए स्कूल बंद करने का निर्देश दिया गया था। सभी सरकारी मामलों में ईंधन का इस्तेमाल कम करना, ईंधन बचाने और सरकारी खर्च में कटौती करने के लिए ऑफिस कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के लिए कहा गया था। भारत के इस पड़ोसी देश ने बुधवार से 100 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देने की एक नई योजना लागू की है। यह राहत मोटरसाइकिल, रिक्शा और छोटी कार मालिकों को बढ़ती कीमतों के असर को कम करने के लिए एक तय महीने के कोटे पर दी जाएगी।
छह महीने पहले ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल और गैस निर्यात में रुकावट आई है। अब, सऊदी अरब और ईरान के समर्थन वाले हूतियों के बीच लड़ाई से भी लाल सागर के जरिए होने वाले व्यापार पर खतरा आ गया है।