US vs China: अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वार खत्म! स्विटजरलैंड में चल रही बातचीत का नतीजा यह निकला

US vs China: अमेरिका में दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से टैरिफ वार शुरू कर दी। हालांकि एक बार फिर अमेरिका के निशाने पर चीन ही रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन को छोड़ बाकी देशों पर रेसिप्रोकल टैक्स पर पिछले महीने ही 90 दिनों का रोक लगा दिया था, वहीं चीन पर जवाबी कार्रवाई के चलते टैरिफ 145 फीसदी तक बढ़ गया। हालांकि अब इस वार के खत्म होने के आसार दिख रहे हैं

अपडेटेड May 12, 2025 पर 7:40 AM
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US vs China: अमेरिका और चीन के बीच स्विटजरलैंड के जेनेवा में दो दिनों तक टॉप लेवल पर अहम कारोबारी मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बातचीत में अहम प्रगति हुई है।

US vs China: अमेरिका और चीन के बीच स्विटजरलैंड के जेनेवा में दो दिनों तक टॉप लेवल पर अहम कारोबारी मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक को लेकर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस बातचीत में अहम प्रगति हुई है। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक बयान में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत सफल रही और उन्होंने बैठकों की मेजबानी करने के लिए स्विट्जरलैंड का आभार व्यक्त किया। हालांकि इस बैठक में क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इसकी डिटेल्स सोमवार को साझा की जाएगी। अमेरिकी वित्त मंत्री और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर ने इस बैठक से जुड़ी डिटेल्स अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दे दी है।

कौन-कौन रहा इस बैठक में शामिल?

दोनों देशों, अमेरिका और चीन के टॉप लेवल के अधिकारियों की बैठक में क्या-क्या हुआ और इसका नतीजा क्या निकला, इसकी जानकारी सार्वजनिक तो नहीं हुई है। हालांकि व्हाइट हाउस के मुताबिक इसकी डिटेल्स सोमवार को जारी की जाएगी। इस बैठक में जैमिसन ग्रीयर (Jamieson Greer) और स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) के अलावा चीन की तरफ से उप-प्रधानमंत्री और दो उप-मंत्री भी शामिल थे।


'अमेरिका और चीन के बीच अधिक फर्क नहीं?'

जैमिसन ग्रीयर के मुताबिक बैठक पॉजिटिव रही। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते की स्पीड को देखते हुए कहा जा सकता है कि दोनों देशों, अमेरिका और चीन का फर्क उतना बड़ा नहीं है, जितना पहले सोचा गया था। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब 1.2 ट्रिलियन यानी 1.2 लाख करोड़ डॉलर के कारोबारी घाटे के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की और व्यापक टैरिफ लगाए। ग्रीयर ने कहा कि यह समझौता इस संकट के समाधान की दिशा में एक कदम है।

 

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