भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप कॉरिडोर को ट्रंप ने दिया बंपर सपोर्ट! ईरान के समुद्री रास्ते को बाईपास करने की बनाई रणनीति

India-Middle East-Europe Corridor: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर जीसीसी (GCC) और अरब देशों के नेताओं के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध और व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच मिडिल ईस्ट के ऊर्जा ढांचे को ईरान के नियंत्रण वाले रास्तों और चेकपॉइंट्स से दूर ले जाने की सख्त जरूरत है

अपडेटेड Sep 23, 2026 पर 9:56 AM
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India-Middle East-Europe Corridor: मिडिल ईस्ट के ऊर्जा ढांचे को ईरान के नियंत्रण वाले रास्तों और चेकपॉइंट्स से दूर ले जाने की सख्त जरूरत है

India-Middle East-Europe Corridor: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) को अपना मजबूत समर्थन देने का ऐलान किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर जीसीसी (GCC) और अरब देशों के नेताओं के साथ आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध और व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच मिडिल ईस्ट के ऊर्जा ढांचे को ईरान के नियंत्रण वाले रास्तों और चेकपॉइंट्स से दूर ले जाने की सख्त जरूरत है। इसी रणनीति के तहत उनके प्रशासन ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर को बढ़ावा देने का फैसला किया है ताकि तेल और ऊर्जा संसाधनों को पाइपलाइनों या अन्य सुरक्षित माध्यमों से बाहर निकाला जा सके।

व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बीच ऊर्जा ढांचे को शिफ्ट करने की जरूरत

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने बैठक में कहा कि पड़ोसी देशों में व्यापारिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए गए आतंकवादी हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्य पूर्व के ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर को ईरानी नियंत्रण वाले रास्तों से दूर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि ईरान के आतंकवादी हमलों ने हमें यह दिखाया है कि मध्य पूर्व के ऊर्जा ढांचे को ईरानी चेकपॉइंट्स से दूर ले जाना कितना जरूरी है। यही वजह है कि मेरा प्रशासन भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर और तेल बाहर निकालने के अन्य जरियों, चाहे वह पाइपलाइन हों या कुछ और, का पुरजोर समर्थन करता है।


क्षेत्र को सुरक्षित और समृद्ध बनाने पर जोर

जीसीसी और अरब नेताओं की मौजूदगी में अमेरिकी राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि यह क्षेत्र दशकों पुरानी चुनौतियों से उबरने के बेहद करीब है। उन्होंने बैठक में मौजूद नेताओं को अमेरिका का सबसे करीबी सहयोगी और साझेदार बताया। ट्रंप ने कहा कि एक साथ मिलकर हम उन चुनौतियों पर विजय पाने की दहलीज पर हैं, जिन्होंने दशकों से इस क्षेत्र को परेशान कर रखा है। मध्य पूर्व को अधिक सुरक्षित और समृद्ध बनाने के हमारे प्रयासों को जारी रखने के लिए अमेरिका के कुछ सबसे महान और करीबी दोस्तों, सहयोगियों और साझेदारों के साथ यहां मौजूद होना मेरे लिए सम्मान की बात है।

क्या है भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC)?

साल 2023 में अनावरित किए गए भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) का उद्देश्य भारत, खाड़ी क्षेत्र और यूरोप के बीच व्यापारिक संपर्क को गति देना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में मुख्य रूप से दो गलियारे शामिल हैं। पहला ईस्टर्न कॉरिडोर जो भारत को खाड़ी क्षेत्र से जोड़ता है। दूसरा नॉर्दर्न कॉरिडोर जो खाड़ी क्षेत्र को यूरोप से जोड़ता है। इस पूरे आर्थिक गलियारे में एक व्यापक रेलवे और शिप-रेल ट्रांजिट नेटवर्क शामिल होगा, जिसके साथ-साथ सड़क परिवहन के मार्ग भी विकसित किए जाएंगे।

ट्रंप की ईरान को चेतावनी: वित्तीय रूप से अलग-थलग किया, बर्बाद होने का समय दूर नहीं

संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए अपने बयानों को दोहराते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को वित्तीय रूप से अलग-थलग कर दिया है और उम्मीद है कि वे जल्द ही सही कदम उठाएंगे। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि 'एक समय ऐसा आएगा जब बहुत देर हो चुकी होगी, और हमारे पास उन्हें एक राष्ट्र के रूप में जीवित रहने देने का मौका नहीं होगा। मैं ऐसा देखना चाहूंगा और मैं आपको बता सकता हूं कि इस टेबल के आसपास बैठे लोग भी यही देखना चाहेंगे।'

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