Iran-US War Update: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने बुधवार (9 सितंबर) रात कहा कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के तुरंत बाद ईरान के साथ युद्ध खत्म हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब ज्यादा समय तक इस युद्ध को झेलने की स्थिति में नहीं है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में शामिल होने के लिए डलास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि चुनाव के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा।" उन्होंने इसके पीछे वजह बताते हुए कहा कि ईरान अब ज्यादा देर तक टिक नहीं सकता।
ईरान पर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप
ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका के नवंबर में होने वाले चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि तेहरान ऐसे लोगों को चुनाव जिताना चाहता है, जिन्हें उन्होंने अच्छे और कमजोर लोगों का समूह बताया। ट्रंप के मुताबिक, ईरान चाहता है कि ऐसे लोग सत्ता में आएं जो उसे अकेला छोड़ दें। उसे परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति दे दें। हालांकि, ईरान की ओर से ट्रंप के इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
होर्मुज में ईरान ने बढ़ाया सैन्य दबाव
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं। यह जलमार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार को दो अमेरिकी जहाजों, आठ तेल टैंकरों और 10 अन्य जहाजों पर हमला किया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। ब्रिटेन के यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी कहा कि खाड़ी और ओमान की खाड़ी में कई जहाजों को जारी सैन्य गतिविधियों के बीच “डिसेबलिंग फायर” का सामना करना पड़ा।
100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी पड़ा है। युद्ध के फिर तेज होने और होर्मुज जलमार्ग पर ईरान की पकड़ मजबूत होने के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड ने 100 डॉलर का स्तर पार किया है। इससे दुनियाभर में महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव बने ट्रंप के लिए बड़ी चुनौती
3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव ट्रंप प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। लंबे समय से चल रहे युद्ध और बढ़ती महंगाई एवं जीवन-यापन की लागत को लेकर अमेरिकी मतदाताओं में नाराजगी बढ़ने की बात कही जा रही है। ट्रंप ने तेल की कीमतों को भी चुनाव से जोड़ते हुए कहा कि युद्ध खत्म होने के तुरंत बाद तेल की कीमतें भी नीचे आ जाएंगी। इस तरह उन्होंने ईरान युद्ध और अमेरिकी जनता पर बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच सीधा संबंध बताया।
बातचीत की संभावना से भी इनकार नहीं
हालांकि, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल सक्रिय रूप से बातचीत की कोशिश नहीं कर रहा है। लेकिन उन्होंने कूटनीति का रास्ता पूरी तरह बंद भी नहीं किया। ट्रंप ने कहा कि बातचीत संभव हो सकती है। लेकिन फिलहाल अमेरिका इसे लेकर प्रयास नहीं कर रहा है। ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती गतिविधियों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल कीमतों को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।