Get App

कहानी उस ग्रीनलैंड की, जो न 'ग्रीन' है और न ही 'लैंड'...! दो हत्याओं से शुरू हुई जिसकी खोज, अब बना सुपरपावर की जंग का मैदान

US threat Greenland: एक तरफ यहां की शांति और शुद्ध हवा दिल जीत लेती है, तो दूसरी तरफ यहां की भू-राजनीति इन दिनों पूरी दुनिया में हलचल पैदा कर रही है। चलिए आज आपको इसी ग्रीनलैंड से रूबरू कराते हैं, इसकी खोज कैसे हुई, इससे जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स और क्यों अमेरिका अब इसे हर कीमत पर हासिल करना चाहता है

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 12, 2026 पर 8:13 PM
कहानी उस ग्रीनलैंड की, जो न 'ग्रीन' है और न ही 'लैंड'...! दो हत्याओं से शुरू हुई जिसकी खोज, अब बना सुपरपावर की जंग का मैदान
Greeland: ग्रीनलैंड की भू-राजनीति इन दिनों पूरी दुनिया में हलचल पैदा कर रही है

दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप, जहां भारत के कई राज्य समा सकते हैं, लेकिन इसकी आबादी एक छोटे शहर जितनी है। यहां रात के अंधेरे में आसमान जादुई हरी रोशनियों से जगमगा उठता है और कभी-कभी महीनों तक सूरज यहां डूबना ही भूल जाता है। मजे की बात ये है कि इस द्वीप का नाम ग्रीनलैंड है, लेकिन 80% हिस्सा बर्फ की मोटी चादर से ढका है, हरियाली के नाम पर ऊंचे और लंबे पेड़ तक नहीं हैं और लैंड होने के बाद भी शहरों के बीच एक सड़क तक नहीं है। हम आज ग्रीनलैंड की बात क्यों कर रहे हैं? इसकी वजह है ट्रंप और उनकी एक जिद कि साम, दाम, दंड, भेद मुझे अब ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कब्जा चाहिए ही चाहिए।

एक तरफ यहां की शांति और शुद्ध हवा दिल जीत लेती है, तो दूसरी तरफ यहां की भू-राजनीति (Geopolitics) इन दिनों पूरी दुनिया में हलचल पैदा कर रही है। चलिए आज आपको इसी ग्रीनलैंड से रूबरू कराते हैं, इसकी खोज कैसे हुई, इससे जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स और क्यों अमेरिका अब इसे हर कीमत पर हासिल करना चाहता है।

ग्रीनलैंड की खोज

ग्रीनलैंड की खोज की शुरुआत डबल मर्डर यानी दो हत्याओं से हुई। ये कहानी किसी रोमांचक फिल्म की तरह है। ग्रीनलैंड की खोज का पूरा श्रेय एरिक द रेड नाम के एक वाइकिंग योद्धा को जाता है। एरिक एक बहुत ही गुस्सैल स्वभाव का आदमी था। 10वीं शताब्दी में (करीब साल 980), एरिक को हत्या के जुर्म में नॉर्वे से निकाल दिया गया। तब वह आइसलैंड गया, लेकिन वहां भी उसने किसी की हत्या कर दी और उसे 3 साल के लिए वहां से भी देश निकाला दे दिया गया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें