लैटिन अमेरिका के सबसे खूंखार और वॉन्टेड अपराधियों में से एक, हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस उर्फ 'नीनो गुएरेरो' (Niño Guerrero) मारा गया है। वह वेनेजुएला के कुख्यात इंटरनेशनल गैंग 'ट्रेन डी अरागुआ' (Tren de Aragua) का सरगना था। शुक्रवार को वेनेजुएला और अमेरिका ने एक साझा बयान में बताया कि एक बेहद गुप्त और बड़े जॉइंट ऑपरेशन के दौरान गुएरेरो को ढेर कर दिया गया। इसी के साथ सालों से चली आ रही अंतरराष्ट्रीय तलाश का अंत हो गया है।
इस ऑपरेशन में अमेरिकी खुफिया एजेंसी और वेनेजुएला की सेना ने मिलकर काम किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर एक "तेज और घातक हमला" किया, जिसमें गुएरेरो मारा गया।
जेल के अंदर से खड़ा किया जुर्म का साम्राज्य
वेनेजुएला के अरागुआ राज्य में जन्मे गुएरेरो ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। धीरे-धीरे उसने वेनेजुएला के अंडरवर्ल्ड में अपनी धाक जमाई और 'ट्रेन डी अरागुआ' गैंग का बॉस बन गया।
इस गैंगस्टर की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि वह जेल की सलाखों के पीछे रहकर भी अपना पूरा क्रिमिनल एम्पायर चलाता था। वेनेजुएला की 'टोकोरोन जेल' (Tocorón prison) इस गैंग का हेडक्वार्टर बन चुकी थी, जहां से गुएरेरो ड्रग्स तस्करी, रंगदारी, किडनैपिंग और इंसानों की तस्करी का धंधा ऑपरेट करता था।
जेल थी या अय्याशी का अड्डा?
गुएरेरो की कमान में टोकोरोन जेल पूरी दुनिया में बदनाम हो गई थी। साल 2023 में जब वेनेजुएला की पुलिस और सेना ने इस जेल पर भारी छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। जेल के अंदर कैदियों के लिए ये सुविधाएं मौजूद थीं:
हालांकि, पुलिस के पूरी तरह नियंत्रण लेने से पहले ही गुएरेरो इस जेल से फरार होने में कामयाब रहा था।
दुनिया भर में फैलाया आतंक का जाल
यह गैंग सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित नहीं था। गुएरेरो ने एक लोकल जेल गैंग को एक अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल नेटवर्क में बदल दिया था। वेनेजुएला में आए आर्थिक और राजनीतिक संकट (माइग्रेशन क्राइसिस) का फायदा उठाकर इस गैंग ने कोलंबिया, पेरू, चिली, इक्वाडोर और सीधे अमेरिका तक अपने पैर पसार लिए। यह गैंग ड्रग ट्रैफिकिंग, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग (सुपारी देना), मनी लॉन्ड्रिंग और प्रवासियों की तस्करी जैसे संगीन अपराधों में शामिल रहा है।
अमेरिका ने रखा था ₹42 करोड़ का इनाम
गुएरेरो पर कई देशों में हत्या, आतंकवाद और ड्रग तस्करी के मुकदमे दर्ज थे। अमेरिकी सरकार ने उस पर 50 लाख डॉलर (करीब 42 करोड़ रुपये) का इनाम रखा था। साल 2025 के आखिर में अमेरिकी अभियोजकों ने उस पर वैश्विक स्तर पर गैंग फैलाने और आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा देने के आरोप तय किए थे। इसी साल अमेरिका ने इस गैंग को एक 'विदेशी आतंकवादी संगठन' भी घोषित किया था।
गुएरेरो का मारा जाना इस खतरनाक गैंग के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि गैंग का नेटवर्क दुनिया के कई देशों में बहुत गहराई तक फैला हुआ है, इसलिए सरगना के मरने के बाद भी यह गैंग पूरी तरह खत्म नहीं होगा। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि गुएरेरो की मौत से यह गैंग कमजोर पड़ता है या फिर गैंग की कमान संभालने के लिए इसके अंदर ही खूनी जंग शुरू होती है।