अगले 5 साल में क्रिटिकल मिनरल्स बिजनेस 5 गुना बढ़ाएगा वर्ल्ड बैंक ग्रुप, जानिए क्या है भारत और दुनिया के लिए प्लान
वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने कहा कि वर्ल्ड बैंक ग्रुप आर्थिक गलियारों पर अपना फोकस और बढ़ा रहा है, जो बुनियादी ढांचे के विकास को निवेश के अवसरों के साथ जोड़ते हैं। इस संस्था ने पिछले साल 52 नई आर्थिक गलियारा परियोजनाएं शुरू कीं, जबकि इससे एक साल पहले इनकी संख्या सिर्फ 23 थी
अजय बंगा ने कहा कि यह संस्था गारंटी, इक्विटी और स्थानीय मुद्रा में फाइनेंसिंग के ज़रिए करेंसी रिस्क और फाइनेंस तक सीमित पहुंच जैसी बाधाओं को दूर कर रही है
वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि वह अगले पांच सालों में क्रिटिकल मिनरल्स के कारोबार को पांच गुना बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने शुक्रवार को बताया कि स्थानीय उद्योगों को विकसित करने के लिए संभावित साझेदारियों के वास्ते 20 देशों की पहचान की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के भीतर ही अधिक नौकरियां और इकोनॉमिक वैल्यू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बैंकॉक में वर्ल्ड बैंक की वार्षिक बैठकों के एक सेशन को संबोधित करते हुए, अजय बंगा ने कहा, “हम अगले पांच सालों में क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में अपने कारोबार को पांच गुना करने की योजना पर काम कर हैं। इस सप्ताह, हमने अन्य MDB (मल्टीलेटरल डेवलपमेंट बैंक) साझेदारों के साथ मिलकर अपने पहले 'कंट्री कॉम्पैक्ट्स'(देश-स्तरीय समझौते) शुरू किए हैं। इसका मकसद लोकल स्तर पर उद्योगों की स्थापना करना और खनिज कारोबार से मिलने वाले मूल्य और नौकरियों को संबंधित देश के भीतर ही बनाए रखना है।” उन्होंने आगे बताया कि इस काम के लिए उन्होंने 20 देशों की पहचान की है, जिनके साथ वे साझेदारी करेंगे।
आर्थिक गलियारों के विकास पर दिया जा रहा जोर
उन्होंने आगे कहा कि वर्ल्ड बैंक ग्रुप आर्थिक गलियारों (economic corridors)पर अपना फोकस और बढ़ा रहा है, जो बुनियादी ढांचे के विकास को निवेश के अवसरों के साथ जोड़ते हैं। इस संस्था ने पिछले साल 52 नई आर्थिक गलियारा परियोजनाएं शुरू कीं, जबकि इससे एक साल पहले इनकी संख्या सिर्फ 23 थी।
अजय बंगा ने एक ऐसे कॉरिडोर का उदाहरण दिया, जिसे शुरू में मुख्य रूप से खनिजों के परिवहन के लिए बनाया गया था, लेकिन बाद में किसान अपनी फसलों को बाजारों तक पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल करने लगे, जिससे इस रास्ते के किनारे बसे कस्बों और शहरों के विकास में मदद मिली।
विकास के लिए निजी पूंजी जुटाने पर फोकस बढ़ा
इन प्रयासों के साथ-साथ, वर्ल्ड बैंक ग्रुप विकास कार्यों के लिए निजी पूंजी जुटाने के अपने प्रयासों का विस्तार कर रहा है। बंगा ने बताया कि पिछले साल इस संस्था ने 112 अरब अमेरिकी डॉलर की निजी पूंजी जुटाई, जो वित्त वर्ष 2022 के लगभग 35 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तीन गुना से भी अधिक है।
उन्होंने कहा,"पिछले साल 112 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए गए,जो कि तीन गुना बढ़त है।" उन्होंने आगे बताया कि संस्था की अपनी फंडिंग को मिलाकर कुल फंडिंग 230 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि निम्न-मध्यम आय वाले देशों में निजी पूंजी जुटाने की मात्रा लगभग तीन गुना हो गई, जबकि उच्च-मध्यम आय वाले देशों में यह चार गुना हो गई। वहीं, पूरे अफ्रीका में इसमें दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई। हालांकि,कम आय वाली,कमजोर और संघर्ष-ग्रस्त अर्थव्यवस्थाओं में निजी पूंजी जुटाने की स्थिति स्थिर रही है,जहां व्यावसायिक निवेश आकर्षित करना अब भी मुश्किल बना हुआ है।
विकास के लिए साझा सिस्टम विकसित करने पर जोर
अजय बंगा ने कहा कि यह संस्था गारंटी, इक्विटी और स्थानीय मुद्रा में फाइनेंसिंग के ज़रिए करेंसी रिस्क और फाइनेंस तक सीमित पहुंच जैसी बाधाओं को दूर कर रही है। यह अन्य बहुपक्षीय विकास बैंकों के साथ मिलकर ऐसे साझा सिस्टम विकसित करने पर भी काम कर रही है, जिससे निवेश को दूसरे निवेशकों तक पहुंचाया जा सके और नई विकास परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाई जा सके। इसका मेन मकसद उन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना है जो उत्पादकता में सुधार करते हैं और रोजगार पैदा करते हैं। इनमें बुनियादी ढांचा और ऊर्जा, कृषि-व्यवसाय, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन और वैल्यू एडेड मैन्यूफैक्चरिंग (value-added manufacturing) जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
नौकरी कोई आंकड़ा नहीं, नौकरी सम्मान है
अजय बंगा ने ग्लोबल लेवल पर लगभग 80 करोड़ नौकरियों की अनुमानित कमी की ओर भी इशारा किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युवाओं के लिए अवसर पैदा नहीं किए गए,तो पूरी दुनिया में इसके खराब परिणाम देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने युवाओं को अपना भविष्य बनाने में सक्षम बनाने के लिए रोज़गार के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा "नौकरी कोई आंकड़ा नहीं है। नौकरी सम्मान है।"
वर्ल्ड बैंक ग्रुप का विकास मॉडल कई चीजों का मेल
उन्होंने आगे कहा कि वर्ल्ड बैंक ग्रुप का विकास मॉडल कई चीजों का मेल है। पब्लिक फाइनेंलिंग (वहां,जहां बाजार नहीं पहुंच पाते), निजी पूंजी (वहां, जहां बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा की जा सकती हैं), शुरुआती जोखिमों में मदद के लिए परोपकारी निवेश और फाइनेंशिग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक शामिल हैं। अजय बंगा ने कहा,"नौकरियों की कमी केवल एक अनुमान है। जरूरी नहीं कि हमारा भविष्य भी ऐसा ही हो।" उन्होंने विकास से जुड़ी पहलों को और बड़े पैमाने पर तथा तेजी से लागू करने का आह्वान किया।