Yuliia Svyrydenko: रूस के साथ जंग लड़ रहे यूक्रेन में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव हुआ है। देश की पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर यूलिया स्विरिडेन्को को यूक्रेन का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। वह डेनिस शिमहाल का स्थान लेंगी, जिन्होंने मंगलवार को अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। शिमहाल ने 4 मार्च, 2020 को अपनी नियुक्ति के बाद पांच साल से अधिक समय तक इस पद पर कार्य किया। यूलिया स्विरिडेन्को को नया PM बनाने के पीछे की वजह अमेरिका के साथ यूक्रेन के एक महत्वपूर्ण मिनरल समझौते में उनकी प्रमुख भूमिका मानी जा रही है।
कौन हैं यूलिया स्विरिडेन्को?
यूलिया स्विरिडेन्को का जन्म 25 दिसंबर 1985 को चेर्निहिव में हुआ था और उन्होंने 2008 में कीव नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रेड एंड इकोनॉमिक्स से स्नातक किया हुआ है। उन्होंने 2015 में पब्लिक सर्विस में प्रवेश किया और नवंबर 2021 से वह यूक्रेन की पहली उप-प्रधान मंत्री और आर्थिक विकास व व्यापार मंत्री के रूप में कार्य कर रही थीं। यूलिया अमेरिका और यूक्रेन के बीच मिनरल समझौते के लिए हुई बातचीत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। उन्होंने पश्चिमी सहयोगियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों में अक्सर यूक्रेन का पक्ष रखा है। उन्होंने मुख्य रूप से रक्षा, अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और बहाली के प्रयासों के बारे में प्रमुख भूमिका निभाई है।
नई भूमिका में नजर आएंगे डेनिस शिमहाल
जेलेंस्की ने 17 जुलाई को प्रमुख सरकारी पदों में बदलाव का प्रस्ताव रखा, जिसमें प्रधानमंत्री डेनिस शिमहाल को बदलना भी शामिल था। वह यूक्रेन के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री थे। संसदीय वेबसाइट के अनुसार, शिमहाल अब रक्षा मंत्री बनेंगे। इसके साथ ही कैबिनेट में और भी बदलाव होने की संभावना है, लेकिन लोगों का मुख्य फोकस यूलिया स्विरिडेन्को के नए प्रधानमंत्री बनने और उनके कार्यशैली को लेकर है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कैबिनेट में किए कई बदलाव
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की हाल में कैबिनेट में फेरबदल की घोषणा की हैं। यूलिया स्विरिडेन्को उन अधिकारियों के समूह में शामिल हैं जिन्हें देश की सरकार में नई भूमिकाएं दी गई हैं। उन्होंने ये कदम देश को शक्तिशाली बनाने के उद्देश्य से उठाया है। नई नियुक्तियां युद्ध से थके हुए राष्ट्र को फिर से सुचारु ढंग से चलाने और घरेलू स्तर पर हथियार के प्रोडक्शन को बढ़ाने के लिए किया गया है। हालांकि, कैबिनेट में इन बदलाओं को एक बड़े फेरबदल के रूप में नहीं देखा गया है। क्योंकि जेलेंस्की अभी भी उन अधिकारियों पर भरोसा कर रहे हैं जिन्होंने युद्ध के दौरान अपनी क्षमता और निष्ठा साबित की है।