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Agriculture tips: 50 रुपये में कीटों से छुटकारा, जानिए आम-लीची की फसल बचाने का देसी तरीका

Agriculture tips: सीतामढ़ी के कृषि विशेषज्ञ पप्पू ठाकुर ने किसानों को आम, लीची और बेल वाली फसलों को कीटों से बचाने के लिए फेरोमोन ट्रैप अपनाने की सलाह दी है। मात्र 50 रुपये की लागत वाला यह ट्रैप न केवल किफायती और प्रभावी है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 14, 2025 पर 1:44 PM
Agriculture tips: 50 रुपये में कीटों से छुटकारा, जानिए आम-लीची की फसल बचाने का देसी तरीका
Agriculture tips: फेरोमोन ट्रैप, पारंपरिक कीटनाशकों के मुकाबले काफी सस्ता और पर्यावरण के लिए सुरक्षित विकल्प है

बिहार के कई जिलों, खासकर सीतामढ़ी में आम और लीची की खेती हजारों किसानों की जीविका का प्रमुख आधार है। ये फल न केवल स्थानीय बाजारों बल्कि देश-विदेश में भी अपनी मिठास और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। लेकिन हर साल जैसे ही इन फसलों में बौर आता है, कीटों का प्रकोप शुरू हो जाता है, जिससे न केवल उत्पादन घटता है, बल्कि किसानों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है। कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है, जिससे किसानों के लिए नई चुनौती खड़ी हो जाती है। ऐसे में पारंपरिक उपायों के बजाय अब वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों की तलाश की जा रही है।

कृषि विशेषज्ञों की मानें तो एक सस्ती और सरल तकनीक "फेरोमोन ट्रैप" इन समस्याओं का समाधान बन सकती है, जो न केवल कीटों की संख्या कम करती है बल्कि फसल को सुरक्षित भी रखती है।

क्या है फेरोमोन ट्रैप और कैसे करता है काम?

कृषि विशेषज्ञ पप्पू ठाकुर ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि फेरोमोन ट्रैप एक छोटा सा डिब्बा होता है जिसकी कीमत लगभग ₹50 है। इसमें नर कीट की गंध (फेरोमोन) डाली जाती है, जो मादा कीटों को आकर्षित करती है। जैसे ही कीट इस गंध से खिंचकर डिब्बे में पहुंचता है, वो उसमें फंसकर मर जाता है। इससे कीटों की संख्या घटने लगती है और फसल बच जाती है।

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