सिर्फ 100 रुपये का पौधा और 20 साल बाद बड़ा फायदा? लाल चंदन की खेती से कमाई का तरीका जानिए

लाल चंदन (रेड सैंडर्स) अब सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि लंबे समय के निवेश के रूप में भी देखा जा रहा है। इसकी महंगी लकड़ी और बढ़ती मांग के कारण किसान व बागवानी प्रेमी इसमें रुचि दिखा रहे हैं। हालांकि, इससे लाभ पाने के लिए वर्षों तक धैर्य, देखभाल और सही जानकारी जरूरी है

अपडेटेड Aug 02, 2026 पर 4:40 PM
बिहार के समस्तीपुर जिले में लाल चंदन के पौधों को लेकर लोगों की रुचि बढ़ रही है।

आज के समय में गार्डनिंग और पौधों की खेती को लोग सिर्फ शौक तक सीमित नहीं रख रहे हैं, बल्कि इसे भविष्य की कमाई से जोड़कर भी देख रहे हैं। इसी वजह से लाल चंदन (रेड सैंडर्स) जैसे कीमती पेड़ों की ओर किसानों और बागवानी प्रेमियों का आकर्षण बढ़ रहा है। अपनी खास लाल रंग की लकड़ी और बाजार में मांग के कारण यह पेड़ लंबे समय के निवेश के तौर पर चर्चा में है। हालांकि, लाल चंदन लगाना आसान कमाई का रास्ता नहीं है, क्योंकि इसके लिए कई वर्षों तक धैर्य, देखभाल और सुरक्षा की जरूरत होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सही परिस्थितियों में विकसित होने वाला यह पेड़ भविष्य में अच्छी आर्थिक संभावनाएं दे सकता है। यही कारण है कि अब कई लोग खाली जमीन या बगीचे में लाल चंदन लगाने की योजना बना रहे हैं।

कम खर्च में शुरुआत, लेकिन मुनाफे के लिए लंबा इंतजार


लाल चंदन का एक पौधा करीब 50 से 100 रुपये की लागत में लगाया जा सकता है। हालांकि, इसे लगाकर तुरंत कमाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक लंबी अवधि की खेती है, जिसमें धैर्य और लगातार देखभाल सबसे जरूरी होती है।

15-20 साल की मेहनत के बाद मिल सकता है बड़ा फायदा

जानकारों के मुताबिक, लाल चंदन के पेड़ को पूरी तरह तैयार होने में लगभग 15 से 20 साल लग सकते हैं। इस दौरान सही मौसम, मिट्टी, सुरक्षा और नियमित देखभाल पेड़ के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। एक स्वस्थ पेड़ से अच्छी मात्रा में कीमती हार्टवुड मिलने की संभावना रहती है।

लाखों तक पहुंच सकती है लकड़ी की कीमत

लाल चंदन की लकड़ी की कीमत उसकी गुणवत्ता, वजन, बाजार मांग और सरकारी नियमों पर निर्भर करती है। अच्छी गुणवत्ता वाली लकड़ी कई बार काफी महंगी बिक सकती है। हालांकि, इसकी कमाई का अंदाजा पेड़ की स्थिति और उस समय के बाजार भाव के आधार पर ही लगाया जा सकता है।

समस्तीपुर में भी मिल रहे हैं पौधे

बिहार के समस्तीपुर जिले में लाल चंदन के पौधों को लेकर लोगों की रुचि बढ़ रही है। स्थानीय स्तर पर किसान और बागवानी प्रेमी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बिरौली और रोसड़ा क्षेत्र की कुछ नर्सरियों से पौधे प्राप्त कर सकते हैं। यहां पौधों की कीमत लगभग 50 से 100 रुपये बताई जा रही है।

खेती से पहले नियमों की जानकारी जरूरी

लाल चंदन की खेती शुरू करने से पहले इसकी प्रजाति, पौधे की गुणवत्ता और कानूनी नियमों की जानकारी लेना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पेड़ की कटाई, परिवहन और बिक्री से जुड़े वन कानूनों का पालन करना अनिवार्य है। सही जानकारी और नियमों के साथ ही इसकी खेती भविष्य में लाभकारी साबित हो सकती है।

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