Ashadh Gupt Navratri 2026: मां दुर्गा के आशीर्वाद और कर्क संक्रांति पर सूर्य गोचर से 5 राशियों के जीवन में होगा उजाला, 3 राशियों को रहना होगा सतर्क

Ashadh Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी। इसी दिन सूर्य भगवान भी कर्क राशि में गोचर करेंगे और कर्क संक्रांति होगी। इस गोच का शुभी प्रभाव 5 राशियों के जीवन में देखने को मिलेगा, वहीं 3 राशियों को सतर्क रहना होगा

अपडेटेड Jul 14, 2026 पर 8:00 AM
पांच विशेष भाग्यशाली राशियों के लिए यह सूर्य गोचर अत्यंत हितकारी और लाभकारी होगा।

Ashadh Gupt Navratri 2026: ज्योतिष शास्त्र में कुछ खास मौके पर होने वाले ग्रहों के गोचर को बहुत अहम माना जाता है। ऐसा ही एक खास अवसर बनने जा रहा है आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को। इस दिन से जहां नौ दिनों तक चलने वाले पर्व आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी, वहीं भगवान सूर्य इसी दिन मिथुन राशि से निकल कर कर्क राशि में गोचर करेंगे। हर माह राशि परिवर्तन करने वाले सूर्य एक वर्ष में सभी 12 राशियों में गोचर करते हैं। 15 जुलाई को वह अपने परम शत्रु चंद्रमा की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे।

ज्योतिष विशेषज्ञ इसे महत्वपूर्ण घटना मान रहे हैं। ज्योतिषाचार्य रुद्रेश चतुर्वेदी ने नेटवर्क 18 को बताया कि सूर्य को आत्मा, पिता, सरकारी क्षेत्र, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता का मुख्य कारक माना जाता है। कर्क राशि चंद्रमा के स्वामित्व वाली और जल तत्व की राशि मानी जाती है। जब अग्नि तत्व के प्रतीक सूर्य देव का जल तत्व यानी कर्क राशि में प्रवेश होता है, तो इसके प्रभाव से आम लोगों के भीतर लीडरशिप क्वालिटी और भावनात्मक समझ में अप्रत्याशित वृद्धि होती है। साथ ही इस पावन अवधि में लोगों का अपनी संतानों और परिवार के प्रति विशेष झुकाव तथा आकर्षण बहुत अधिक बढ़ जाता है।

सभी राशियों पर दिखेगा असर

सूर्य के इस महत्वपूर्ण कर्क गोचर का सभी 12 राशियों पर अलग-अलग और व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिषाचार्य रुद्रेश चतुर्वेदी के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक पांच विशेष भाग्यशाली राशियों के लिए यह सूर्य गोचर अत्यंत हितकारी और लाभकारी होगा। जबकि, तीन राशियों को इस अवधि के दौरान बहुत अधिक सतर्क बरतने की सख्त जरूरत होगी।

वृषभ राशि : सबसे पहली राशि वृषभ है। वृषभ राशि वालों को जीवन में कई बड़े और सकारात्मक बदलावों का सुखद अनुभव होगा। उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा और वे सही समय पर सटीक निर्णय लेने में पूरी तरह सफल रहेंगे जिससे उनकी आर्थिक संपन्नता भी बढ़ेगी।

मिथुन राशि : दूसरी भाग्यशाली राशि मिथुन है। इनके लिए यह समय हर प्रकार से लाभकारी रहेगा, उनका पराक्रम रंग लाएगा और बेरोजगारों को रोजगार की प्राप्ति होगी। मिथुन राशि के जातकों के लिए भूमि, भवन और वाहन की खरीदारी के प्रबल योग भी बन रहे हैं।


कर्क राशि : तीसरी राशि कर्क है, जिसमें स्वयं सूर्य का गोचर हो रहा है। कर्क राशि वालों को कार्यों में अपार सफलता मिलेगी। अटके हुए धन की वापसी होगी और करियर में नई नौकरी के बेहतरीन प्रस्ताव मिल सकते हैं।

कन्या राशि: यह चौथी भाग्यशाली राशि है। इनके लिए यह परिवर्तन ढेरों खुशियां लेकर आएगा, धन-संपदा और भौतिक सुखों में वृद्धि होगी तथा अविवाहितों के लिए योग्य विवाह के प्रस्ताव आएंगे।

मकर राशि : यह इस कड़ी की पांचवीं राशि है। इन्हें पुरानी आर्थिक परेशानियों से पूरी तरह छुटकारा मिलेगा, सेहत में सुधार होगा और नई जिम्मेदारी के साथ धन का आवक तेजी से बढ़ेगा।

सिंह, कुंभ और मेष राशि को रहना होगा सतर्क

सूर्य का यह कर्क गोचर तीन विशेष राशियों के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं रहने वाला है। ज्योतिषाचार्य रुद्रेश चतुर्वेदी ने बताया कि सूर्य का अपने परम शत्रु चंद्रमा की राशि में आने से सिंह राशि, कुंभ राशि और आंशिक रूप से मेष राशि के जातकों को प्रतिकूल परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। इस नकारात्मक संक्रमण के दौरान इन तीनों राशियों को दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय पैसों पर विशेष नजर रखें और फिजूलखर्ची से बचें अन्यथा बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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