Guru Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में शुभ ग्रहों में बृहस्पति ग्रह का नाम सबसे ऊपर आता है। इसी तरह इनके स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र को भी नक्षत्रों का राजा माना जाता है। बृहस्पति न सिर्फ सबसे बड़े ग्रह हैं, बल्कि देवताओं के गुरु भी हैं। इसलिए इनकी स्थिति कोई भी बदलाव सभी 12 राशियों के जातकों को प्रभावित करता है। इस ग्रह के राशि परिवर्तन से लेकर उदय-अस्त, वक्री-मार्गी ही नहीं नक्षत्र परिवर्तन पर भी ज्योतिष विशेषज्ञों की नजर रहती है। देवगुरु बृहस्पति आज यानी 19 जुलाई को पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहा हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी 27 नक्षत्रों को चार भागों में बांटा गया है। धार्मिक नजरिए से पुष्य नक्षत्र में गुरु का गोचर सुख, समृद्धि, ज्ञान और धन में वृद्धि करने वाला माना गया है। गुरु का अपने स्वामित्व वाले नक्षत्र में प्रवेश कुछ विशेष राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा।
मेष राशि : गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक और पारिवारिक मोर्चे पर बेहद लाभकारी रहने वाला है। लंबे समय से रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है। निवेश के लिए यह समय बहुत उत्तम है, भविष्य में बड़ा मुनाफा होगा। कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत होगी।
कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन किसी वरदान से कम नहीं है। आपकी राशि में गुरु की स्थिति पहले से ही मजबूत है। समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। लोग आपकी बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की शैली की तारीफ करेंगे। व्यापारियों के मुनाफे में बढ़ोतरी होगी।
सिंह राशि : सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना करियर और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन परिणाम लेकर आएगा। नौकरी पेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षा या उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं।
धनु राशि : गुरु आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए उनके नक्षत्र परिवर्तन का सीधा और सकारात्मक प्रभाव आपके जीवन पर देखने को मिलेगा। आपके जो काम पिछले कई महीनों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। किस्मत का सहयोग हर मोड़ पर मिलेगा। किसी पुरानी बीमारी में सुधार देखने को मिलेगा।