Jupiter Transit in Leo 2026: देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में 31 अक्टूबर को गोचर होगा। ज्योतिषशास्त्र में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना मानी जाती है, जिसे "सिंहस्थ बृहस्पति" भी कहा जाता है। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जो बृहस्पति के मित्र ग्रह हैं। मित्र राशि में होने के कारण गुरु का यह गोचर सामान्यतः शुभ और प्रभावकारी परिणाम देता है। सिंह राशि शक्ति, नेतृत्व और अधिकार का प्रतीक है। गुरु का यहां आना व्यक्ति में निर्णय लेने की क्षमता, ज्ञान, प्रशासनिक गुणों और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। जब देवगुरु बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं और सूर्य मेष राशि में होते हैं, तब नासिक के त्र्यंबकेश्वर में प्रसिद्ध सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन होता है। समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में तेजी आती है। लोग परोपकार और ज्ञान प्राप्ति की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। यह समय राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, कानून या प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से उन्नतिदायक सिद्ध होता है। देवगुरु के इस गोचर से यूं तो सभी 12 राशियों के जातक प्रभावित होंगे, लेकिन 4 राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। आइए जानें इसके बारे में
मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए गुरु का सिंह राशि में गोचर कई तरह के शुभ अवसरों में वृद्धि हो सकती है। गुरु आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करते हैं। इससे करियर में नए तरह के अवसर मिल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के अच्छे संकेत हैं। आर्थिक मोर्चे पर आपको आय के नए स्त्रोत मिल सकते हैं।
कर्क राशि : कर्क राशि वालों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन धन लाभ के अवसरों में वृद्धि ला सकता है। पारिवारिक मामलों में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। यहां पर गुरु का आपकी कुंडली में गोचर आपके धन के भाव में होगा जिससे आपको अच्छा खासा लाभ हासिल हो सकता है।
तुला राशि : तुला राशि वालों पर गुरु के राशि परिवर्तन का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। गुरु का गोचर आपके लिए बहुत ही लाभकारी रहेगा। गुरु आपकी राशि से 11वें भाव में संचरण करेंगे,ऐसे में आपको आय में वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। करियर में नई तरह की जिम्मेदारियां मिल सकती है।
सिंह राशि : सिंह राशि में गुरु के गोचर करने से सिंह राशि वालों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी और नेतृत्व करने की क्षमता में विकास होता है। गुरु के गोचर करने से मान-सम्मान में वृद्धि, नौकरी-कारोबार में नई तरह की जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। आपकी आय में वृद्धि होगी।
गुरु ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें: `ॐ बृं बृहस्पतये नमः`
गुरुवार के दिन पीले कपड़े, चने की दाल या हल्दी का दान करें।
भगवान विष्णु या श्री हरि की पूजा करें और माथे पर केसर/हल्दी का तिलक लगाएं।
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