Mercury Jupiter Conjunction 2026: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर के साथ-साथ ग्रहों का संयोग भी अहम स्थान रखता है। ऐसा ही एक गोचर कर्क राशि में बना है, जहां देवगुरु बृहस्पति पहले से विराजमान हैं। इस राशि में ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह ने 5 अगस्त 2026 को शाम को 7 बजकर 54 मिनट पर प्रवेश किया है। इस गोचर के परिणामस्वरूप कर्क राशि में गुरु और बुध की दुर्लभ युति बनी है। ज्योतिष शास्त्र में गुरु को ज्ञान, भाग्य और विस्तार का कारक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, व्यापार, संचार और तर्क शक्ति के स्वामी हैं। इन दोनों ग्रहों की युति से देश-दुनिया की घटनाएं ही नहीं सभी 12 राशियों के जातक भी प्रभावित होंगे। लेकिन चार राशियों के जातकों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में विशेष लाभ मिलने की संभावना है। इन दोनों ग्रहों का संयोग शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग, लेखन, मीडिया, सलाहकार और संचार से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
