Parivartan Yog 2026: देवगुरु बृहस्पति का ज्योतिष शास्त्र में अहम स्थान है। इस ग्रह की स्थिति जातक के जीवन में बड़े बदलाव का कारण बनती है। बृहस्पति ग्रह वर्तमान में कर्क राशि में गोचर कर रहा है। कर्क गुरु की उच्च राशि है और इस वजह से गुरु इस समय अतिचारी होकर विचरण कर रहे हैं। इसी अवस्था में उन्होंने ग्रहों के राजकुमार बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में गोचर किया है।
ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, वृद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का कारक माना गया है। वहीं, बुध बुद्धि, व्यापार और संचार के देवता हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति ने 20 अगस्त को अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश किया है। ज्ञान के कारक बृहस्पति के अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश का बेहद शुभ और सकारात्मक प्रभाव 31 अक्टूबर तक कई राशियों के जीवन पर देखने को मिलता है। अश्लेषा नक्षत्र में गुरु और बुध के एक साथ होने से परिवर्तन योग का निर्माण हो रहा है। आइए जानते हैं कि इस योग से किन 5 राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है।
मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा। अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। आय के नए स्रोत खुलेंगे। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता, पदोन्नति या मनचाहा इंक्रीमेंट मिल सकता है।
वृषभ राशि : वृषभ राशि वालों के लिए बुध के नक्षत्र में गुरु का आना भाग्य में वृद्धि लेकर आएगा। जो लोग बिजनेस में हैं, उन्हें नए सौदे और बड़ा मुनाफा हासिल हो सकता है। आपकी बौद्धिक क्षमता और वाणी का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे समाज और परिवार में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
मिथुन राशि : मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं, इसलिए गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में जाना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लंबे समय से रुकी हुई योजनाएं गति पकड़ेंगी। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार प्राप्त होगा।
कन्या राशि : कन्या राशि के स्वामी भी बुध हैं, जिससे गुरु का यह गोचर आपके लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा। पहले किए गए निवेश का बेहतरीन रिटर्न मिलेगा। आर्थिक तंगी दूर होगी। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को बेहतरीन अवसर प्राप्त होंगे।
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