Shani Nakshtra Gochar 2026: शनि को ज्योतिष शास्त्र में कर्मों के आधार पर फल देने वाला ग्रह माना जाता है। राशि चक्र की किसी भी राशि में शनि लगभग ढाई साल तक रहते हैं, यानी ये ग्रह सबसे धीमी चाल से चलता है। सूर्य पुत्र शनि को ज्योतिष के सबसे क्रूर ग्रहों में से एक माना जाता है। शनि व्यक्ति को अनुशासन, आत्म मंथन आदि सिखाते हैं। शनि इस समय मीन राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है और 17 अप्रैल को रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर गए थे। शनि राशि के साथ एक निश्चित अवधि के बाद नक्षत्र परिवर्तन करते हैं। आज यह ग्रह रेवती नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश करने वाले हैं। शनि के नक्षत्र पद परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया की घटनाओं पर भी होगा। शनि के रेवती नक्षत्र के पहले पद में जाने से वृषभ, मिथुन और मकर राशि के जातकों को लाभ मिल सकता है।
