Surya Nakshatra Gochar: ज्योतिष शस्त्र में सूर्य का अहम स्थान है। इसे जातक के जीवन में पिता, स्वास्थ्य और यश का कारक माना जाता है। यही वजह है कि सूर्य के राशि या नक्षत्र परिवर्तन को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य के स्थान परिवर्तन से राशि चक्र की सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं। ग्रहों के राजा सूर्य इस समय अपनी स्वराशि सिंह में गोचर कर रहे हैं। यहां उनकी युति केतु और बुध के साथ बनी है और वह मघा नक्षत्र में स्थित हैं।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 को बताया कि सूर्य अब 31 अगस्त 2026 से सूर्य शुक्र के स्वामित्व वाले पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और करीब 13 दिनों तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। सूर्य के इस परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए करियर, धन और मान-सम्मान से जुड़े मामलों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। आइए जानें सूर्य के इस नक्षत्र परिवर्तन का किन राशियों पर नकारात्मक असर पड़ेगा और किन उपायों से राहत मिलेगी ?
तीन राशियों को होगा नुकसान
मेष राशि : इस राशि के जातकों के लिए सूर्य का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर कुछ परेशानियां बढ़ा सकता है। इस दौरान अटके कामों में देरी हो सकती है और मनचाही सफलता मिलने में बाधाएं आ सकती हैं। कारोबार में उतार-चढ़ाव के कारण मुनाफा प्रभावित हो सकता है। आर्थिक मामलों में नुकसान या अनचाहा खर्च बढ़ने की आशंका है। मेहनत के बावजूद शुभ परिणाम नहीं मिलेंगे।
मिथुन राशि : सूर्य का पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए परेशानियां बढ़ा सकता है। भाग्य का साथ कमजोर पड़ने से कामों में रुकावट आ सकती है। लंबे समय से अटके कार्यों में देरी और प्रयासों में निराशा मिल सकती है। नौकरी में तनाव, अधिकारियों से मतभेद और कार्यक्षेत्र में असफलता की स्थिति बन सकती है। आर्थिक मामलों में नुकसान और खर्च बढ़ने की आशंका रहेगी।
इन उपायों से प्रसन्न होंगे सूर्यदेव
इस बदलाव के अशुभ परिणामों से बचने के लिए सूर्यदेव की उपासना करें। सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर उनके मंत्रों का जाप करें और गरीबों में अनाज का दान करें। इससे आने वाले कष्टों का निवारण हो सकेगा।
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