Free Bus Rides: अगर आप भी दिल्ली में फ्री बस सर्विस का इस्तेमाल करती हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा को लेकर एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। बस में मिलने वाले ‘पिंक टिकट’ को सरकार ‘सहेली कार्ड’ नामक स्मार्ट कार्ड से बदलने वाली है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, 15 अगस्त से दिल्ली के निवास प्रमाण वाले केवल महिलाएं और ट्रांसजेंडर ही बसों में मुफ्त यात्रा कर पाएंगी। यानी दिल्ली में रहने वाली अन्य महिलाएं जिनका निवास प्रमाण दिल्ली का नहीं है वो मुफ्त में बस में यात्रा नहीं कर पाएंगी। इस बदलाव के पीछे का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल स्थानीय निवासियों को ही मिले।
आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा 2019 में शुरू की गई पिंक टिकट योजना के तहत किसी भी महिला को बिना किसी आईडी या प्रमाण दिखाए डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने की अनुमति थी। अब सहेली कार्ड के साथ सरकार प्रक्रिया को सख्त करने और दुरुपयोग को कम करने की योजना बना रही है।
सहेली कार्ड से सिर्फ दिल्लीवासी ही कर पाएंगे मुफ्त में यात्रा
सहेली स्मार्ट कार्ड दो प्रकार के होंगे:
गैर-केवाईसी स्मार्ट कार्ड: दिल्ली के निवास प्रमाण पत्र के साथ इसे बनवाया जा सकेगा। यह बसों और मेट्रो दोनों में काम करेगा, लेकिन मुफ्त यात्रा केवल बसों में लागू होगी।
केवाईसी स्मार्ट कार्ड: इन कार्डों पर आपका नाम और फोटो होगा, और इन्हें डेबिट कार्ड की तरह टॉप अप किया जा सकेगा। बैंकों द्वारा जारी किए जाने वाले ये कार्ड कॉन्टैक्टलेस यात्रा की सुविधा देंगे और यह नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के जैसे होंगे।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: महिलाओं के रजिस्ट्रेशन और निवास प्रमाण जमा करने के लिए एक नया डीटीसी पोर्टल लॉन्च किया जाएगा।
मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध: डीटीसी मेट्रो स्टेशनों पर कियोस्क स्थापित करने की योजना बना रही है जहां गैर-केवाईसी कार्ड तुरंत जारी किए जा सकेंगे।
बैंकों द्वारा जारी: केवाईसी स्मार्ट कार्ड बैंकों द्वारा दस्तावेजों के वेरीफिकेशन के बाद जारी किए जाएंगे।
क्यों किया जा रहा ये बदलाव?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने बजट भाषण में कहा था कि कल्याणकारी योजनाओं से केवल दिल्ली के निवासियों को ही मदद मिलनी चाहिए। उन्होंने पिछली सरकार पर 'वोट बैंक की राजनीति' करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके तरीके से सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी का दुरुपयोग हुआ।