मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी शुरुआती कीमत यानी अपनी एंट्री-लेवल वाली कारों के ग्राहकों के लिए एक स्पेशल "प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम" शुरू की है। इस स्कीम के तहत जो ग्राहक 14 जून 2026 तक कंपनी के कुछ चुनिंदा मॉडल बुक करेंगे, उन्हें जून में होने वाली कीमत बढ़ोतरी का असर नहीं झेलना पड़ेगा। इस स्कीम में Alto K10, S-Presso, Celerio और WagonR जैसी लोकप्रिय कारें शामिल हैं। यानी यदि कोई ग्राहक तय तारीख तक इनमें से किसी मॉडल की बुकिंग करता है, तो उसे पुरानी कीमत पर ही वाहन मिलेगा, भले ही बाद में कीमतें बढ़ जाएं।
गौरतलब है कि मारुति सुजुकी ने मई में घोषणा की थी कि बढ़ती लागत और महंगाई के दबाव के कारण जून 2026 से अपने सभी मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। कंपनी के अनुसार, विभिन्न मॉडलों की कीमतों में अधिकतम 30,000 रुपये तक का इजाफा हो सकता है। कंपनी की यह नई योजना उन ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है, जो जल्द नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं और बढ़ी हुई कीमतों से बचना चाहते हैं।
इन ग्राहकों को मिलेगा फायदा
मारुति सुजुकी इंडिया के मार्केटिंग और सेल्स विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पार्थो बनर्जी ने बताया कि यह कीमत सुरक्षा योजना कंपनी के डीलर और बिक्री साझेदारों के सुझाव पर शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि उनके साझेदारों का मानना था कि जो ग्राहक नई कार खरीदने का फैसला कर रहे हैं, उन्हें कीमत बढ़ने की वजह से अपनी योजना नहीं बदलनी चाहिए। इसी सोच के साथ कंपनी ने शुरुआती श्रेणी की कारों के खरीदारों के लिए यह विशेष योजना शुरू की है। पार्थो बनर्जी के अनुसार, यदि कोई ग्राहक तय अवधि के भीतर कार बुक करता है, तो उसे बाद में होने वाली कीमत बढ़ोतरी का असर नहीं झेलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्राहकों को एक तरह की सुरक्षा और भरोसा देती है, जिससे वे बिना चिंता के अपनी पसंद की कार बुक कर सकते हैं।
कंपनी का मानना है कि इस कदम से छोटी और किफायती कारें खरीदने वाले ग्राहकों को राहत मिलेगी और उन्हें बढ़ती कीमतों से बचने का मौका मिलेगा। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का कहना है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के लिए कार खरीदना आसान और किफायती बनाए रखना है। खास तौर पर उन लोगों को ध्यान में रखा गया है जो पहली बार कार खरीदने की योजना बना रहे हैं। ऐसे समय में जब वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है, यह पहल ग्राहकों को राहत देने का प्रयास है।
यह योजना रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) मॉडल पर आधारित है और उन ग्राहकों के लिए बनाई गई है, जिन्हें कार खरीदते समय डाउन पेमेंट जुटाने या हर महीने की किस्त (EMI) चुकाने में परेशानी होती है। कंपनी का मानना है कि इस नई वित्तीय सुविधा से अधिक लोग आसानी से कार खरीद सकेंगे और अपने वाहन का सपना पूरा कर पाएंगे।
इस योजना के तहत ग्राहक हर महीने उतनी राशि एक रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) खाते में जमा कर सकते हैं, जितनी उनकी संभावित कार ऋण की मासिक किस्त (ईएमआई) होगी। तीन से छह महीने तक नियमित जमा करने के बाद, जमा हुई राशि का उपयोग उसी बैंक से कार लोन लेते समय डाउन पेमेंट के रूप में किया जा सकता है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने बताया कि इस योजना को ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक इसके लिए करीब 8,000 लोगों ने जानकारी ली है, जबकि 1,700 से अधिक ग्राहकों ने इस योजना के तहत वाहन बुक कराए हैं।