नोएडा एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ने की कर रहे हैं प्लानिंग, तो देना होगा 'एक्स्ट्रा' चार्ज, जानिए कब और कितना लगेगा UDF

Noida Airport: नोएडा एयरपोर्ट अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाला है। एयरपोर्ट के पहले चरण की लागत ₹7,209 करोड़ है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। भविष्य के चरणों में इस क्षमता को बढ़ाकर 3 करोड़, फिर 5 करोड़ और अंत में 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक किया जाएगा

अपडेटेड Aug 31, 2025 पर 4:31 PM
आपको अपने टिकट के अलावा ₹210 से लेकर ₹980 तक का 'एक्स्ट्रा' किराया चुकाना पड़ सकता है

Noida International Airport: हवाई जहाज से सफर करने वालों के लिए एक बुरी खबर है। अगर आप आने वाले समय में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़ने की सोच रहे हैं, तो अपनी जेब थोड़ी और ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। एयरपोर्ट रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने एक नया चार्ज लगाने का फैसला किया है, जिसे 'यूजर डेवलपमेंट फीस' (UDF) कहा जा रहा है। इसका मतलब है, आपको अपने टिकट के अलावा ₹210 से लेकर ₹980 तक का 'एक्स्ट्रा' किराया चुकाना पड़ सकता है। वैसे आपको बता दें कि दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर UDF ₹129 से ₹810 के बीच है।

कितना लगेगा चार्ज?

जारी किए गए नए और अस्थाई टैरिफ के मुताबिक, यात्रियों को इतना UDF देना होगा:


घरेलू उड़ानों के यात्रियों को ₹490 का UDF देना होगा।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों को ₹980 का UDF देना होगा।

Arrival के लिए:

घरेलू आगमन के लिए ₹210 का UDF लगेगा।

अंतरराष्ट्रीय आगमन के लिए ₹420 का UDF लगेगा।

इन सभी शुल्कों पर टैक्स अलग से लगेगा। यह अस्थाई टैरिफ 31 मार्च, 2026 तक या जब तक AERA कोई नियमित टैरिफ जारी नहीं करता, तब तक लागू रहेगा।

कितनी हो सकती है यात्रियों की अनुमानित संख्या?

एयरपोर्ट ऑपरेटर का अनुमान है कि शुरुआती सालों में 94% से अधिक यात्री घरेलू उड़ानों से होंगे। चालू वित्तीय वर्ष में 57 लाख घरेलू और 2.4 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आने की उम्मीद है। मार्च 2030 तक यह संख्या बढ़कर 1.7 करोड़ घरेलू और 10 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों तक पहुंच सकती है। आपको बता दें कि यह एयरपोर्ट अक्टूबर 2025 से शुरू होने वाला है। एयरपोर्ट के पहले चरण की लागत ₹7,209 करोड़ है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। भविष्य के चरणों में इस क्षमता को बढ़ाकर 3 करोड़, फिर 5 करोड़ और अंत में 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक किया जाएगा।

दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होने का है लक्ष्य

उत्तर प्रदेश सरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है, जिसमें कई टर्मिनल और रनवे होंगे। फिलहाल दिल्ली का IGI एयरपोर्ट भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है, जो सालाना 10 करोड़ यात्रियों को संभालता है। नोएडा एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा और नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और मथुरा जैसे शहरों के लिए हवाई यातायात को पूरा करेगा। यह कई धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए प्रवेश द्वार के रूप में काम करेगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।