चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा पूरे साल के बजट लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। कंट्रोलर जनरल ऑफ अकाउंट्स (CGA) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 के अंत तक राजकोषीय घाटा (खर्च और रेवेन्यू के बीच का अंतर) 7,14,413 करोड़ रुपये रहा।
पिछले वर्ष की समान अवधि में राजकोषीय घाटा 2025-26 के बजट अनुमान (BE) का 36.5 प्रतिशत था। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.3 प्रतिशत या 16.96 लाख करोड़ रुपये रखा है।
टैक्स रेवेन्यू और खर्च कितना
CGA के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में केंद्र सरकार का शुद्ध टैक्स रेवेन्यू चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 44.5 प्रतिशत या 12.76 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान अवधि में यह 43.3 प्रतिशत था। मासिक लेखा आंकड़ों के अनुसार, कुल खर्च करीब 25.5 लाख करोड़ रुपये रहा। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा फरवरी में संसद में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान का 47.7 प्रतिशत है।
विदेशी मुद्रा भंडार 1.27 अरब डॉलर घटा
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 23 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में और 1.27 अरब डॉलर गिरकर 719.75 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 5.01 अरब डॉलर घटकर 721.01 अरब डॉलर रहा था। 4 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार अपने उच्चतम स्तर 785.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। RBI के आंकड़ों के अनुसार, 23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में फॉरेन करेंसी एसेट्स का आंकड़ा 1.35 अरब डॉलर बढ़कर 593.20 अरब डॉलर हो गया। गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 2.65 अरब डॉलर घटकर 103.15 अरब डॉलर रह गई। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में देश की आरक्षित जमा 40 लाख डॉलर घटकर 4.78 अरब डॉलर रह गई।