भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राजन भारती मित्तल ने इंडिया के बारे में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत सबसे स्टेबल और अट्रैक्टिव ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत ग्रोथ और स्टैबिलिटी का एक 'ब्राइट स्पॉट' है।
इंडिया की ग्रोथ की तीन वजहें
मित्तल ने इंडिया की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार तीन वजहों के बारे में बताया। इनमें स्ट्रॉन्ग डोमेस्टिक कंजम्प्शन, आबादी में युवाओं की बड़ी हिस्सेदारी और मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती क्षमता शामिल हैं। ये सभी मिलकर भारत को दुनिया में आर्थिक गतिविधि के केंद्र के रूप में स्थापित करती हैं।
10 लाख करोड़ डॉलर की होगी इकोनॉमी
भारत की इकोनॉमी के बढ़ते आकार के बारे में उन्होंने कहा कि आज देश की अर्थव्यवस्था 4 लाख करोड़ डॉलर की है, जिसके आने वाले सालों में बढ़कर 10 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है। यह एक ऐसा स्ट्रक्चरल बदलाव है, जो बताता है कि दुनिया की कंपनियां भारत की अनदेखी नहीं कर सकतीं।
भारत-इंग्लैंड के पास रिश्तों को बढ़ाने का बड़ा मौका
उन्होंने कहा, "किसी ग्लोबल कंपनी की स्ट्रेटेजी में अगर भारत शामिल नहीं है तो इसका मतलब है कि वह अगले दशक की ग्रोथ स्टोरी से जुड़े मौकों को गंवाने जा रही है।" उन्होंने कहा कि भविष्यकी ग्रोथ को-क्रिएशन और लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप पर निर्भर करेगी न कि ट्रांजेक्शन ट्रेड पर। भारत-इंग्लैंड के रिश्तों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास व्यापारिक रिश्तों से आगे बढ़ने का बड़ा मौका है।
ग्लोबल सिस्टम में भारत लॉन्ग टर्म पार्टनर
मित्तल ने कहा कि इंडिया उन कंपनियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का आधार बन रहा है, जो अफ्रीका सहित ज्यादा ग्रोथ वाले क्षेत्रों को टारेगट करना चाहती हैं। कानून के शासन, इंडिपेंडेंट रेगुलेटर्स और डेमोक्रेटिक फ्रेमवर्क को उन्होंने इंडिया की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि ये चीजें भारत को ग्लोबल सिस्टम में भरोसेमंद लॉन्ग टर्म पार्टनर बनाती हैं।
भारत वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में हिस्सेदार
उन्होंने कहा कि इंडिया अब न सिर्फ वैश्विक स्तर पर निर्णय की प्रक्रिया में हिस्सेदार है बल्कि यह इसका स्वरूप भी तय कर रहा है। इसकी वजह यह है कि भारत की आर्थिक और रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है।