RBI MPC meeting : रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने 6 फरवरी को 2026 की पहली पॉलिसी रिव्यू में मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए GDP ग्रोथ के अनुमान को पहले के 7.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। Q1 FY27 के लिए रियल GDP ग्रोथ को 6.7 प्रतिशत से संशोधित करके 6.9 प्रतिशत और Q2 के लिए 6.8 प्रतिशत से 7 प्रतिशत कर दिया गया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि नई GDP सीरीज़ जारी होने के बाद MPC ने पूरे साल के लिए GDP अनुमान को अप्रैल रिव्यू तक टाल दिया है।
जैसा कि उम्मीद थी, सेंट्रल बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने महंगाई में नरमी और वॉशिंगटन के साथ ट्रेड डील के बाद US टैरिफ को लेकर कम हो रही चिंताओं और बजट में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के कदमों के कारण दरों को स्थिर रखा है।
मनीकंट्रोल के एक पोल में 2026 की पहली पॉलिसी रिव्यू में यथास्थिति बने रहने का संकेत मिला था। एक्सपर्ट्स ने कहा था किग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) डेटा नए बेस ईयर (2022–23) में शिफ्ट होने और रिवीजन जारी होने के कारण MPC के ग्रोथ अनुमानों में तुरंत बदलाव करने की संभावना नहीं है। अब इस महीने के आखिर में जारी होने वाले रिवाइज्ड GDP आंकड़ों का इंतजार करेगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने का फैसला लिया है और अपना रुख न्यूट्रल रखा है। साथ ही यह भी माना कि दिसंबर 2025 की मीटिंग के बाद से बाहरी चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।
RBI ने स्टैंडिंग डिपॉज़िट फैसिलिटी (SDF) को भी 5% पर बनाए रखा है। साथ ही मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) और बैंक रेट को 5.5% पर रखा है। SDF इंटरेस्ट रेट कॉरिडोर का निचला बैंड है, जबकि MSF ऊपरी बैंड है।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने पॉलिसी स्टेटमेंट में कहा कि बाहरी चुनौतियां बढ़ गई हैं, लेकिन अमेरिका के साथ ट्रेड डील का सफल होना इकॉनमी के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि महंगाई कंट्रोल में है।