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0.42% तक बढ़ सकती है खुदरा महंगाई, अर्थशास्त्रियों की चेतावनी, ईंधन और दूध के बढ़े हुए दाम जेब पर डालेंगे बोझ

अर्थशास्त्रियों ने माल ढुलाई की लागत बढ़ने, कैब और ऑटो का किराया बढ़ने, लॉजिस्टिक्स का खर्च बढ़ने और खेती में लगने वाली चीजों की कीमतें बढ़ने के कारण पैदा हो रहे अप्रत्यक्ष महंगाई के दबाव के बारे में भी चेतावनी दी है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 16, 2026 पर 3:39 PM
0.42% तक बढ़ सकती है खुदरा महंगाई, अर्थशास्त्रियों की चेतावनी, ईंधन और दूध के बढ़े हुए दाम जेब पर डालेंगे बोझ
अकेले ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी से खुदरा महंगाई 0.15-0.25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ईंधन और दूध की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी से आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई 0.42 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। पेट्रोल और डीजल के महंगे होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स और सामान की ढुलाई महंगी होगी। वहीं दूध की कीमतें बढ़ने से इससे जुड़ी खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं। कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अकेले ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी से खुदरा महंगाई 0.15-0.25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। दूध की कीमत में बढ़ोतरी से महंगाई में 0.26 प्रतिशत की और वृद्धि हो सकती है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, DBS बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राधिका राव का मानना है कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स बास्केट में पेट्रोल-डीजल के वेटेज को देखते हुए, 3-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी से हेडलाइन इनफ्लेशन में 0.15-0.25 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। SBI के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि तत्काल असर के तहत खुदरा महंगाई मई-जून 2026 में लगभग 15-20 bps बढ़ सकती है।

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की डायरेक्टर मेघा अरोड़ा मानती हैं कि पेट्रोल, डीजल और दूध की कीमतों के संयुक्त प्रभाव से खुदरा महंगाई में लगभग 0.42 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। परिवहन और इसके जैसे अन्य ईंधन-उपभोक्ता उद्योगों के जरिए वास्तविक प्रभाव और अधिक रह सकता है। हालांकि, मई 2026 में इसका प्रभाव लगभग 0.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के तौर पर दिख सकता है।"

कितना महंगा हो गया दूध और पेट्रोल-डीजल

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