अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ईंधन और दूध की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी से आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई 0.42 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। पेट्रोल और डीजल के महंगे होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स और सामान की ढुलाई महंगी होगी। वहीं दूध की कीमतें बढ़ने से इससे जुड़ी खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं। कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अकेले ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी से खुदरा महंगाई 0.15-0.25 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। दूध की कीमत में बढ़ोतरी से महंगाई में 0.26 प्रतिशत की और वृद्धि हो सकती है।
