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S&P का भारत के बारे में बड़ा बयान, कहा-भले ही यह AI की रेस जीत नहीं सकता, फिर भी इसकी ग्रोथ काफी तेज है

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स में चीफ एपीएसी इकोनॉमिस्ट लुइस कुइज्स ने कहा कि भी एआई-से जुड़ा ज्यादातर निवश उन इकोनॉमीज में जा रहा है, जिनकी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और चिप सप्लाई चेन में सीधी भूमिका है। इनमें ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देश हैं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 24, 2026 पर 6:36 PM
S&P का भारत के बारे में बड़ा बयान, कहा-भले ही यह AI की रेस जीत नहीं सकता, फिर भी इसकी ग्रोथ काफी तेज है
जो देश चिप मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा एक्विट नहीं हैं, उनमें भी ग्रोथ दिख रही है, लेकिन यह ग्रोथ उतनी नहीं है जितनी चिप बनाने वाले देशों की है।

एसएंडपी ने इंडिया के बारे में बड़ी बात कही है। उसने कहा है कि इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम के बेनेफिशियरी के रूप में अभी नहीं उभरा है। लेकिन, इसका इकोनॉमिक ग्रोथ आउटलुक स्ट्रॉन्ग घरेलू मांग की वजह से ठोस बना हुआ है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स में चीफ एपीएसी इकोनॉमिस्ट लुइस कुइज्स ने यह बात कही है।

सेमीकंडक्टर और चिप बनाने वाले देशों में जा रहा निवेश

उन्होंने कहा कि अभी एआई-से जुड़ा ज्यादातर निवश उन इकोनॉमीज में जा रहा है, जिनकी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और चिप सप्लाई चेन में सीधी भूमिका है। इनमें ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे देश हैं, जिनकी इकोनॉमी को लेकर बीते कुछ महीनों में सबसे ज्यादा अपग्रेड देखने को मिला है।

एआई से जुड़ी इकोनॉमी की ग्रोथ में ज्यादा अपग्रेड दिखा है

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