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CBSE OSM: जानें कौन हैं ओएसएम जांच समिति की अध्‍यक्ष एस राधा चौहान, यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी करती हैं पीएम को रिपोर्ट

CBSE OSM: सीबीएसई बोर्ड की ओएसएम व्‍यवस्‍था में गड़बड़‍ियों की जांच के लिए केंद्र सरकार ने जांच समिति गठित की है। इसका अध्‍यक्ष यूपी कैडर की वर‍िष्‍ठ आईएएस अधिकारी एस राधा चौहान को बनाया गया है। आइए जानें कौन हैं ये अध‍िकारी, जो सीधे पीएम को करती हैं रिपोर्ट

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 03, 2026 पर 3:31 PM
CBSE OSM: जानें कौन हैं ओएसएम जांच समिति की अध्‍यक्ष एस राधा चौहान, यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी करती हैं पीएम को रिपोर्ट
कैपिसिटी बिल्‍डिंग कमीशन की अध्‍यक्ष राधा चौहान सीधे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को रिपोर्ट करती हैं।

CBSE OSM: सीबीएसई बोर्ड के 12वीं के छात्रों के लिए परेशानियों का दौर अब खत्‍म होता नजर आ रहा है। बोर्ड ने 12वीं कक्षा के छात्रों की परीक्षा कॉपियों के मूल्‍यांकन के लिए ऑन स्‍क्रीन मार्किंग (OSM) व्‍यवस्‍था लागू की थी, जिसमें रिजल्‍ट आने के बाद से कई गड़ब‍ड़‍ियां उजागर हुई हैं। इन विसंगतियों की जांच के लिए अब सरकार ने जांच समिति का गठन किया है। इस जांच समिति का अध्‍यक्ष रिटायर्ड आइएएस अधिकारी एस राधा चौहान को बनाया गया है। कैपिसिटी बिल्‍डिंग कमीशन की अध्‍यक्ष राधा चौहान सीधे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को रिपोर्ट करती हैं।

यूपी कैडर की अधिकारी हैं एस राधा चौहान

वरिष्‍ठ आइएएस अधिकारी चौहान 1988 बैच की यूपी कैडर की अधिकारी हैं। वह 2025 में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के सचिव पद से सेवानिवृत्‍त हो चुकी हैं। लॉ ग्रेजुएट एस चौहान को अगस्‍त 2025 में कैपिसिटी बिल्डिंग कमीशन की कमान सौंपी गई थी। कैपिसटी बिल्डिंग कमीशन सीधे प्रधानमंत्री के अधीन काम करता है और इस कमीशन का अध्‍यक्ष होने के नाते चौहान सीधे पीएम को रिपोर्ट करती हैं। 36 वर्षों से अधिक के कार्यकाल के दौरान उन्‍हें सरकारी खरीद, डिजिटल गवर्नेंस, संस्थागत सुधार और नीति निर्माण के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती हैं।

संभाल चुकी हैं नोएडा सीईओ समेत कई पद

एस चौहान गाजियाबाद की कमिश्नर, नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रहने के साथ ही कई अहम पदों पर सेवाएं दे चुकी हैं। वह ग्रेटर नोएडा की डिप्टी सीईओ और बुलंदशहर, पीलीभीत, आगरा, मेरठ की एडिशनल कमिश्नर और डीएम रह चुकी हैं। इसके अलावा, 2011-2015 तक मानव संसाधन मंत्रालय में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी, फिर नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) की चेयरपर्सन और सीईओ भी बनीं।

क्यों सौंपी गई यह जिम्मेदारी?

सरकार ने राधा चौहान के प्रशासनिक अनुभव, खासकर टेंडर प्रक्रियाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में उनकी गहरी समझ को देखते हुए उन्हें यह संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी है। ओएसएम टेंडर मामले में सीबीएसई परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों की निष्पक्ष जांच के लिए उनकी एक सदस्यीय समिति गठित की गई है। उनकी नियुक्ति से उम्मीद है कि मामले की जांच पारदर्शी, तेज और पेशेवर तरीके से पूरी होगी। राधा चौहान को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और अच्छे शासन के क्षेत्र में एक सक्षम और ईमानदार अधिकारी माना जाता है। उनकी इस नई भूमिका से न केवल मामले की जांच बल्कि भविष्य में बोर्ड परीक्षाओं जैसी प्रक्रियाओं को और मजबूत बनाने में भी मदद मिलने की संभावना है।

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