ISRO Hackathon 2026: अंतरिक्ष विज्ञान और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखने वाले छात्रों के लिए बड़ा मौका है। भारतीय स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने हैक2स्किल के साथ भारतीय अंतरिक्ष हैकाथॉन का तीसरा संस्करण लॉन्च किया है। यह एक राष्ट्रीय इनोवेशन प्रतियोगिता है, जिसमें स्नातक पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी छात्र नि:शुल्क हिस्सा ले सकते हैं। इसका मकसद स्पेस टेक्नोलॉजी और रिसर्च में दिलचस्पी रखने वाले छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रौद्योगिकी एआई और डाटा विश्लेषण से जुड़ी असल समस्याओं को हल करने का मौका देना है।
यह हैकाथॉन देश भर के छात्रों को भारत के बढ़ते अंतरिक्ष महत्वाकांक्षा से जुड़े असल दुनिया की चुनौतियों पर काम करने के लिए आमंत्रित करता है। सभी प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के दौरान मेंटरशिप सेशन के जरिए सीधे इसरो के साइंटिस्ट, रिसर्चर और डोमेन एक्सपर्ट से सीखने का मौका मिलेगा। इसरो ने यह भी कहा है कि पार्टिसिपेंट्स को अंतरिक्ष एजेंसी के साथ इंटर्नशिप के मौकों के लिए भी विचार किया जा सकता है।
हैकाथॉन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाइमेट मॉडलिंग, सैटेलाइट इमेजरी, एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग, एग्रीकल्चर, एक्सोप्लैनेट डिटेक्शन, लूनर एक्सप्लोरेशन, सोलर फ्लेयर फोरकास्टिंग और सैटेलाइट ऑपरेशन जैसे क्षेत्रों में 15 चुनौतियों से जूझना होगा। कुछ चैलेंज में शहरी गर्मी से निपटने के लिए एआई और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल करना, चंद्रयान-2 डेटा का इस्तेमाल करके चांद के साउथ पोल के पास सबसरफेस बर्फ का पता लगाना, आदित्य-L1 से डेटा का इस्तेमाल करके सोलर फ्लेयर्स का फोरकास्ट करना और भारत के क्लाइमेट का एआई-पावर्ड डिजिटल ट्विन डेवलप करना शामिल है।
इसरो हैकाथॉन : कौन कर सकता है आवेदन?
इस प्रतियोगिता में अंडरग्रेजुएट, स्नातक, ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट छात्रों के साथ ही पीएचडी छात्र और रिसर्च स्कॉलर हिस्सा ले सकते हैं। टीम में तीन से चार मेंबर होने चाहिए और इसमें अलग-अलग कॉलेज या यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं। भारतीय अंतरिक्ष हैकाथन में हिस्सा लेने के लिए छात्रों के लिए कोई रजिस्ट्रेशन या सबमिशन चार्ज नहीं लिया जाएगा।